होली पर कोटेदारों द्वारा राशन वितरित न करने से पात्रों को सता रही है चिंता।
बदायूं/उत्तर प्रदेश।

सहसवान- होली जैसे त्यौहार पर भी कोटेदारों द्वारा राशन ना बांटने से पात्रों में मायूसी है। कार्ड धारकों का कहना है कि विभाग द्वारा भी हमारे कार्डों पर कोटेदारों की मिलीभगत से फर्जी आधार कार्ड लगा दिए गए हैं। जिससे पात्रों का राशन कोटेदार उस व्यक्ति का अंगूठा लगवा कर निकाल लेता है जिसका आधार कार्ड उसने पात्र के राशन कार्ड में बढ़ वाया है। होली के मात्र 2 दिन रह गए हैं लेकिन उपभोक्ताओं को मिलने वाला राशन अभी तक नहीं बांटा गया है। गरीब तबके के लोग कैसे मनाएंगे होली? जब इस बाबत राशन डीलरों से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि अभी रिफाइंड, चना, नमक नहीं आया है इसलिए राशन नहीं बांटा जा रहा है लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि राशन डीलर उनका राशन डकार ही ना जाए ? इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर काहा है कि होली सर पर आ चुकी है लेकिन राशन डीलरों द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा जबकि आसपास जैसे बिल्सी, बिसौली, दातागंज, बदायूं सहित आदि स्थानों पर राशन बांट दिया गया है। राशन कार्ड धारकों ने बताया कि राशन डीलरों द्वारा निकाली गई पर्ची भी उपभोक्ताओं को नहीं दी जाती है जिससे उन्हें गोलमाल होने का डर सता रहा है। जब फिंगरप्रिंट देने पर ही राशन मिलता है तो यह कैसे संभव है कि केवल कोटेदार ही इस तरह के मामलों में पूर्ण दोषी है? क्योंकि कोटेदार और अधिकारी सब एक दूसरे के पूरक हैं। इसलिए यह संभव हो पाता है। जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल फिंगर देने के बाद ही राशन मिलता है। लेकिन कोटेदारों ने ज्यादातर लोगों के राशन कार्डों में फर्जी तरीके से राशन कार्ड लगा दिए गए हैं जो विभाग की बहुत बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होना आवश्यक है जिससे पात्रों को होली से पहले राशन मुहैया हो जाए। और गरीब भी अपने परिवार के साथ होली का त्योहार मना सकें। आपूर्ति विभाग की कार्यशैली शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है। अब देखना यह है कि अब सरकार की दूसरी पारी में आपूर्ति विभाग पर कोई कार्यवाही हो पाती है या नहीं? यह तो आने वाला समय ही तय करेगा।