हत्या के अभियोग में फंसे निर्दोष व्यक्तियों के लिए एफ.एस.एल लखनऊ उ.प्र. बनी मिसाल


एटा पुलिस के वैज्ञानिक विवेचना से अभियोग में गलत नामजदगी के आधार पर हत्या के अभियोग में फंसे निर्दोष व्यक्तियों के लिए एफ.एस.एल लखनऊ उ.प्र. बनी मिसाल।

घटना का संक्षिप्त विवरण।
दिनांक 16.07.2021 को समय 23.32 पर मृतक पुनीत फौजी निवासी टिकाथर थाना जैथरा का शव ग्राम नगला बेदी व परौली के बीच सड़क के किनारे पड़ा मिला, बगल में स्कूटी भी पड़ी मिली। उक्त घटना के दो दिन बाद वादी रक्षपाल (मृतक के पिता) ने घटना का समय 21.30 बजे दर्शाते हुए थाना जैथरा पर अपने पुत्र की हत्या गांव के ही 1- जन्डैल सिंह पुत्र छोटेलाल 2- मुलायम सिंह पुत्र जिलेदार 3- सुनील पुत्र सरदार सिंह 4- गौतम पुत्र जन्डैल सिंह व तीन अज्ञात के विरुद्ध थाना जैथरा पर मुअसं- 327/21 धारा 396, 506, 120बी पंजीकृत किया गया।

घटना में वैज्ञानिक विवेचना से संदेह करने वाले बिंदु
1- दर्शाई गई घटना के समय मृतक की लोकेशन घटनास्थल पर न पाकर जनपद फर्रुखाबाद में पाई गई।
2- पुलिस की गश्त पार्टी जो स्वाभाविक क्रम में घटनास्थल के पास से रात्रि लगभग 11.00 बजे निकल रही थी तो मृतक के परिवारीजन (घटना के तथाकथित गवाह) पुलिस को मिले थे।
3- घटनास्थल पर मिलने के कारण उन्होंने अमृतपुर गांव थाना जसरथपुर में एक व्यक्ति के यहां उत्सव से भोजन करके वापस आने की बात बताई जो तस्दीक करने पर गलत पाई गई।
4- मृतक के आई चोटों में पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने रिपोर्ट में बयान में दुर्घटना की तरफ संकेत किया।
5- नामित अभियुक्तगण घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं पाए, नामित अभियुक्तगण की गांव में राजनैतिक प्रतिद्वंदिता होना छानबीन से प्रकाश में आया
6- मृतक का घर आने का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहीं पाया गया।
7- घटनास्थल के रोड की चौड़ाई 22 फीट पाई गई जिसमें दो, चार पहिया वाहन आमने-सामने गुजरने पर रोड पर मोटरसाइकिल चलाने का स्थान ना होना पाया गया तथा घटनास्थल के रोड को दुर्घटनाबाहुल्य क्षेत्र पाया गया तथा पिछले 2 वर्ष के दौरान घटनास्थल पर 54 दुर्घटनाओं का होना प्रकाश में आया।
8- पुलिस के बार-बार अनुरोध करने पर भी वादी द्वारा तहरीर में घटना के समय को लेकर टालमटोल किया गया।

वैज्ञानिक अभिमत में मुख्य बिंदु
1- नामित चार व्यक्ति व अन्य तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लोहे की रॉड से हमला करने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर व शरीर पर चोटों के तालमेल का अभाव पाया गया।
2- एफएसएल उत्तर प्रदेश की मेडिको लीगल टीम द्वारा घटनास्थल पर चोटों के विश्लेषण से मृतक फौजी की मृत्यु का कारण हत्या ना होकर किसी वाहन द्वारा दुर्घटना में चोटिल हो जाने से मृत्यु हो जाना पाया गया.
इस प्रकार से स्थानीय पुलिस द्वारा की गई विवेचना में एफएसएल टीम द्वारा की गई वैज्ञानिक विश्लेषण एवं सर्विलांस सेल द्वारा किए गए विश्लेषण से उक्त घटना का हत्या ना होकर सड़क दुर्घटना पाया गया है अब दुकानों के नाम जिद्दी राजनैतिक द्वेष के कारण अंकित होना पाया गया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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