सरकारी तंत्र को बदनाम कर रहे साइबर कैफे

सरकारी तंत्र को बदनाम कर रहे साइबर कैफे
एटा – लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया लागू है। आवेदक घर बैठे ही ऑनलाइन टेस्ट देकर लाइसेंस प्राप्त कर सकता है। प्रतिदिन 15 से 20 आवेदक लर्निंग लाइसेंस के लिए साइबर कैफे पर ऑनलाइन टेस्ट दे रहे हैं। अधिकांश साइबर कैफे आवेदकों के टेस्ट में पास होने के बाद उन्हें एआरटीओ कार्यालय द्वारा फेल कराने की बात कहकर ठग रहे हैं। लोगों को ठगने के साथ ही सरकारी तंत्र को भी बदनाम किया जा रहा है।
एआरटीओ कार्यालय पर लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। जहां आवेदक लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद घर बैठे ऑनलाइन टेस्ट दे सकता है। टेस्ट देने के तुरंत बाद पास या फेल होने का मैसेज मोबाइल पर आ जाता है, लेकिन जिले में साइबर कैफे वाले आवेदकों को ठग रहे है। पास होने का मैसेज आने के बाद भी आवेदक से पांच सौ से लेकर आठ सौ रुपये तक मांगते हैं। रुपये नहीं दिए जाने पर एआरटीओ कार्यालय द्वारा फेल कराने की धमकी देते हैं।
शहर के मोहल्ला घंटाघर निवासी अनूप चंदेल ने शहर के एक साइबर कैफे पर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट दिया। टेस्ट देने के बाद मोबाइल पर पास होने का मैसेज आ गया। इस दौरान साइबर कैफे के संचालक ने पांच सौ रुपये मांगे। जब रुपये देने से मना किया तो कार्यालय से फेल कराने की बात कही।
शहर के मोहल्ला श्यामनगर निवासी उपेंद्र ने बीते सप्ताह एक साइबर कैफे से ऑनलाइन टेस्ट दिया। जहां पास होने पर सात सौ रुपये मांगे गए। उपेंद्र ने मोबाइल पर मैसेज का हवाला दिया, तो कैफे संचालक ने कहा कि रुपये नहीं दोगे तो एआरटीओ कार्यालय से तुम्हें फेल कर दिया जाएगा। बिना रुपयों के लाइसेंस नहीं बन पाएगा

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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