मार्च माह में आयोजित होंगे महिला नसबंदी नियत दिवस— सीएमओ

एटा ! एक सुखी परिवार की शुरुआत के लिए परिवार नियोजन महत्वपूर्ण कड़ी है। परिवार नियोजन साधनों को अपनाकर दंपति सुखी एवं खुशहाल जीवन निर्वाह कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता वस्वीकार्यता बढ़ाने के उद्देश्य सेएवं परिवार नियोजन साधनों की पहुंच लोगों तक बढ़ाने के लिए अंतराल दिवस, खुशहाल परिवार दिवस, परिवार कल्याण नियत सेवा दिवस आदि का आयोजन किया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण के कारण सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हुए। जिसमें परिवार नियोजनकार्यक्रम भी है। परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति प्रदान करने के उद्देश्य से महिला नसबंदी के नियत दिवसों का आयोजन किया जा रहा है। कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते हुए अलग-अलग दिवसों पर अलग – अलग प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला नसबंदी नियत दिवसों का आयोजन कियाजाएगा। मार्च माह में महिला नसबंदी नियत दिवस 24 मार्च को ब्लॉक सकीट में, 29 मार्च को ब्लॉक अवागढ़ में, 8 व 28 मार्च को ब्लॉक जलेसर में व 8 मार्च को ही ब्लॉक मारहरा में, 25 मार्च को ब्लॉक बागवाला में प्राथमिक वसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित किए जाएंगे। इन नियत दिवसों पर कोई भी इच्छुक महिला लाभार्थी केंद्र पर पहुंचकर लाभ ले सकती है। उन्होंने बताया नसबंदी के लिए सर्जन डॉ राजेश शर्मा की तैनाती की गई है। 21 मार्च को जिला चिकित्सालय में नसबंदी शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दिन कोई भी इच्छुक महिला एवं पुरुष लाभार्थी केंद्र पर पहुंचकर लाभ ले सकता है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम केनोडल अधिकारी, एसीएमओ डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि महिला नसबंदी परिवार नियोजन का एक स्थाई साधन है। महिलाओं में नसबंदी का तरीका बहुत ही आसान व सुरक्षित है। फिर भी सावधानी के तौर पर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। महिलाओं को नसबंदी से पहले नसबंदी की प्रक्रिया और इसके बाद होने वाले प्रभाव के बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। ऑपरेशन द्वारा नसबंदी के बाद इंफेक्शन का खतरा कुछ दिनों तक बना रहता है, इसलिए इस दौरान साफ-सफाई का ख्याल रखना चाहिए। किसी भी तरह की नसबंदी के बाद कुछ दिनों तक आराम करना चाहिए और भारी सामान आदि नहीं उठाना चाहिए एवं किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।