
श्रद्धेय रोशन लाल गुप्त ’करुणेश’ जी के सुयोग्य पुत्र संजय गुप्त ने कोरोना काल में रचनाओं का सृजन किया, जिनको संग्रह कर दो पुस्तकों “ईश वंदना @ कोविड 19” एवं “करुणा सिंधु की मुक्तामणि” के रूप में प्रकाशित किया गया है ।
कोरोना महामारी से मुक्ति हेतु ईश्वर के विभिन्न अवतार व स्वरूप से की अद्भुत और मार्मिक १०८ वन्दनायें “ईश वंदना” पुस्तक में हैं । द्वितीय पुस्तक “करुणा सिंधु की मुक्तामणि” भी १०८ कल्याणकारी काव्य रचनाओं का अनूठा संग्रह है ।
मैं संजय गुप्त की पठनीय एवं मनन करने योग्य दोनों पुस्तकों के प्रकाशन पर हृदय से आशीर्वाद देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं ।
डॉ. श्रीकृष्ण ‘शरद’
पूर्व वरिष्ठ उद्घोषक – अकाशवाणी मथुरा वृंदावन एवं आगरा