ब्रज की धरा पर पालिकाध्यक्ष ब्रजेश गुप्ता के कुशल निर्देशन में गौमाताओं का भविष्य सुरक्षित

अलीगंज ( एटा ) द्वापर में ब्रज के अन्दर प्रभु श्री कृष्ण की लीला के चलते हिन्दू धर्म की परम्पराओं के तहत गौमाताओं को घर घर पूजकर ही व्यक्ति द्वारा अन्न ग्रहण करने के संस्कार विद्यमान थे परन्तु समय काल के परिवर्तन चक्र ने स्थितियों परिस्थितियों को छिन्न भिन्न कर गौमाताओं को भूख की व्याकुलता के कारण घूरे पर मुँह मारने के लिए विवश कर दिया ! परन्तु उत्तर प्रदेश में आदित्यनाथ नाथ योगी के नेत्रत्व में सरकार गठित होने के बाद प्रदेश के अंदर ब्लॉक एवं नगरीय क्षेत्रों के अंदर गौमाताओं की सुरक्षा को द्रष्टिगत रखते हुए सरकार के निर्देशन में स्थापित की गयी गौशालाओं में पर्याप्त प्रबंधन से गौमाताओं की दुर्दशा को कुछ हद तक रोकने का प्रयास किया गया है, बाबजूद इसके सरकार की इस व्यवस्था को लोगों ने गौमाताओं के साथ ही साथ अपने परिवार की भी जीविको पार्जन का साधन बना लिया है ! परन्तु ब्रज की इस धरा पर यदि हम जिले की सुदूरवर्ती तहसील अलीगंज के अन्दर नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित गौशाला की बात करें तो यहां की गौशाला में रहने वाली लगभग छै दर्जन से अधिक गौमाताऐं एवं गौवंश प्रभु श्री कृष्ण के आशीर्वाद से पूर्णरूपेण स्वस्थ एवं सुरक्षित दिखाई देती है ! वैसे तो इस गौशाला का संचालन नगर पालिका परिषद के अधीन बतौर कांजी हाऊस के नाम से होता है परन्तु यहां पलने वाली गौमाताओं की सेवा में लगे कर्मचारियों ने बताया कि पालिका में गौशाला के लिए बजट शून्य रहने के बावजूद भी पालिकाध्यक्ष ब्रजेश गुप्ता उर्फ राजू भईया जो स्वंय प्रभु श्री कृष्ण के परम भक्त है उनके निर्देशन में उनके अपने निजी स्रोतों से गौमाताओं व गौवंशो की उचित देखभाल एवं भोजन पानी की व्यवस्थाऐं सुचारू रूप से चलती रहती हैं तथा समय समय पर पशु चिकित्सकों को गौशाला में बुलाकर गौमाताओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया जाता है ! इस गौशाला में गौमाताओं की सेवा में लगे कर्मचारियों ने यह भी बताया कि यहां दूधारू गौमाताओं का दूध विक्रय न कर गौवंशो को ही पिलाया जाता है ! बहराहल अलीगंज नगर में पालिकाध्यक्ष ब्रजेश गुप्ता उर्फ राजू भइया के निर्देशन में संचालित आदर्श गौशाला के रखरखाव की खास व्यवस्थाओं से यदि हिन्दू धर्म के लोग सबक हासिल करें तो प्रभु श्री कृष्ण के आशीर्वाद से इस धरा पर जब तक गाय माता स्वस्थ रूप से विचरण करती रहेगी तब तक मानव भी कभी भूख प्यास से व्याकुल नहीं होगा !