रेनू ने महनत कर रोडवेज को अच्छी आय के साथ साथ पाया सम्मान

एटा समाचार
रेनू के पिताजी भी रोडवेज में परिचालक के पद पर कार्य रत थे वो कई विमारी के साथ जूझ ते रहे लेकिन समय के आगे उनकी कुछ नही चली और उनका 1999 में स्वर्गवास होगया था जब उनके घर मे कोई भी ऐसा व्यक्त नही था जो परिवार का भरण पोषण कर सके तभी उनकी बेटी रेनू को म्रतक आश्रित में उसी पद पर विभाग ने 2005 मे नोकरी दे दी जिससे रेनू पर परिवार की पूर्ण जिम्मेदारी का बोझ पड़ गया और तभी से रेनू ने अपने परिवार के भरण पोषण की पूर्ण जिम्मेदारी अपने कंधो पर लेली फिर उनकी शादी 2006 में सुनील कुमार गौतम के साथ हुई फिर उनपर डबल जिम्मेदारी का भी वजन पड़ गया इसके साथ साथ उन्होंने दोनों परिवारों की पूर्ण जिम्मेदारी लेते हुए विभाग के प्रति भी पूर्ण निष्ठा और लगन के साथ कार्य किया । जिस पर ए आर एम एटा डिपो ने परिचालन कर रही रेनू की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेनू हमारे डिपो की बहुत ही मेहनती और कर्मठ कर्मचारी है । जिसपर रेनू ने ए आर एम एटा का आभार व्यक्त किया ।