दिल्ली-एनसीआर वालों के लिए अमूल ने दूध की कीमत 2 रुपये लीटर बढ़ाई, अभी यूपी में बढ़ोतरी नहीं –

दिल्ली ,अमूल दूध (Amul Milk) पीने वालों के लिए खबर अच्छी नहीं है। अब अपना पसंदीदा यह दूध पीने के लिए जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। सोमवार को अमूल ब्रांड की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है। अब प्रति लीटर ₹2 ज्यादा चुकाने होंगे। यह ताजा दूध एक मार्च से देशभर में दो रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा। अमूल ब्रांड का संचालन करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने सोमवार को एक बयान में इसकी घोषणा की। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लोग तमाम तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कोई इसे यूक्रेन-रूस युद्ध का असर बता रहा है तो किसी का कहना है कि उत्तर प्रदेश चुनाव खत्म होने के बाद कीमतों में और तेजी से उछाल आएगा।
इस वजह से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की गई
अमूल ब्रांड का संचालन करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने कहा कि बिजली, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक और पशु-चारे की लागत बढ़ने से कीमत बढ़ाने का यह फैसला लिया गया है। महासंघ ने कहा कि दूध के दाम में की गई दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का मतलब अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में चार प्रतिशत वृद्धि है, जो औसत खाद्य मुद्रास्फीति से काफी कम है। उसने कहा कि पिछले दो वर्षों में अमूल ब्रांड के ताजा दूध के दाम में सालाना आधार पर चार प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है।
अब कहां किस कीमत पर मिलेगा अमूल दूध
जीसीएमएमएफ ने कहा, “गुजरात के अहमदाबाद और सौराष्ट्र के बाजारों में अमूल गोल्ड दूध की कीमत अब 30 रुपये प्रति 500 मिली रहेगी। अमूल ताजा की कीमत 24 रुपये प्रति 500 मिली और अमूल शक्ति की कीमत 27 रुपये प्रति 500 मिली होगी।” एक लीटर दूध के दाम में दो रुपये की बढ़ोतरी के बाद अहमदाबाद, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता और मुंबई क्षेत्रों में फुल क्रीम दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर होगी जबकि टोन्ड दूध का भाव अहमदाबाद में 48 रुपये और दिल्ली-एनसीआर, मुंबई व कोलकाता में 50 रुपये प्रति लीटर होगा।
किसानों को ज्यादा कीमत दे रहा महासंघ
जीसीएमएमएफ ने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने से दुग्ध उत्पादक संघों ने भी किसानों को दी जाने वाली राशि में 35-40 रुपये प्रति किलो वसा की बढ़ोतरी कर दी है, जो पिछले साल की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक है। बयान के मुताबिक, अमूल दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री पर उपभोक्ताओं से मिलने वाले प्रत्येक रुपये का करीब 80 पैसा दुग्ध उत्पादक किसानों को दिया जाता है !