महाशिवरात्रि पर उमड़ी शंकर के भक्तों की भयंकर भीड़,शिवमय हुआ अलीगढ़, गूंजे हर हर बम के जयकारे
सिद्धपीठ खेरेश्वर धाम पर महामंडलेश्वर पूर्णानन्द पुरी महाराज ने कराई पूजा अर्चना

अलीगढ़।महाशिवरात्रि के महापर्व पर समूचा अलीगढ़ महानगर शिवमय हो गया।इतना ही नहीं यहां मंदिरों में हर हर बम बम और जय भोले के स्वर सुनाई दिए जबकि इसी क्रम में सिद्धपीठ श्री खेरेश्वर धाम हरिदास पुर मंदिर पर महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णानन्द जी महाराज ने पूजा अर्चना आरती और अभिषेक की प्रक्रिया पूरे विधि विधान से सम्पन्न कराई।आपको बता दें कि यूं तो शिव भक्त पूरी दुनिया में अपनी भक्ति में लीन शिवरात्रि के दिन हर तरफ नजर आते हैं लेकिन अलीगढ़ के प्राचीन मंदिर खेरेश्वर धाम और अचलेश्वर धाम मंदिर समेत तमाम मंदिरों पर भी शंकर का भक्त भयंकर तादाद में उमड़ता है।इतना ही नहीं इस बार भी शिवरात्रि पर भगवान शिव के भक्त जलाभिषेक करने के लिए हजारों की भीड़ में उमड़े हुए नजर आए साथ ही पूरे 24 घंटे सड़क से लेकर मंदिरों तक बम बम भोले की जय जयकार सुनाई दी वहीं सोमवार की रात घड़ी में बारह बजते ही मंदिरों में घंटों की घनघनाहट के स्वर और भी तेज हो गए साथ ही भक्तों के मन में श्रद्धा का भाव हिलोरे लेने लगा।सूत्रों की मानें तो शिव भक्त अलीगढ़ में अधिकतर रामघाट से अपनी कावड़ भरकर पैदल ही चलकर भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए आते हैं।वहीं अलीगढ़ के थाना लोधा क्षेत्र में स्थित खेरेश्वर धाम मंदिर में शाम को ही तैयारी पूरी कर ली गई थी और यहां जिले भर से कावड़िया जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे जिनके लिए यहां बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है और 100 से अधिक सेवादार भी भक्तों की सेवा में लगाए गए।इधर सोमवार की रात 11 बजे भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया जबकि रात ठीक 12 बजे महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज के साथ आचार्य गौरव शास्त्री ने पूजा अभिषेक और महाआरती की जिसमें मंदिर समिति के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह के अलावा कमेटी के अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए और बाद पट खोल दिए गए तब यहां कावड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा।इस दौरान हाथों में गंगाजल लिए भोलेनाथ के दरबार तक किसी तरह पहुंचे भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करके सुख समृद्धि की कामना की तो वहीं इधर अचल ताल स्थित अचलेश्वर धाम मंदिर में भी रात बारह बजे जलाभिषेक शुरू हो गया जहां जीटी रोड तक लंबी कांवड़ियों की लाइन लगी जो सभी बम भोले का जयघोष कर रहे थे।इस दौरान दोनों ही मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला जबकि कांवड़ियों ने भी अपनी श्रद्धा को शब्दों में बयान किया।आपको बता दें कि विभिन्न शक्तिपीठों पर महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी और ये सिलसिला देर रात बारह बजे से इसके अगले दिवस दोपहर बाद तक अनवरत जारी रहा।