रूस युकरेन युद्ध से घुघरु-घंटी उद्योग की बजी घंटी

एटा- रूस और यूक्रेन युद्ध से बने हालातों के चलते जलेसर के घुंघरू-घंटी कारोबार को भी झटका लगा है। कई देशों में भेजे जाने वाले उत्पादों का निर्यात मंदा पड़ गया है। वहीं नए ऑर्डर मिलना पूरी तरह बंद हो गए हैं। लाखों रुपयों का माल कारखानों में पड़ा है। जलेसर के पीतल उत्पाद देश ही नहीं, विदेशों तक मशहूर हैं। खासतौर से विंड चाइम, घुंघरू और छोटी घंटियों के सामान की विदेशों में अच्छी मांग रहती है। बड़े निर्यातक जलेसर से माल मंगाकर विदेशों में आपूर्ति करते हैं। सबसे अधिक ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में ये उत्पाद भेजे जाते हैं, लेकिन रूस और यूक्रेन में तनावपूर्ण स्थिति बनने के साथ ही निर्यात प्रभावित होने लगा था।
इसके बाद जैसे ही रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो असर और बढ़ गया। यहां के निर्यातक कारोबारियों के मुताबिक जो पुराने ऑर्डर मिले थे, उनका माल बनकर तैयार है, लेकिन परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की वजह से माल भेज नहीं पा रहे हैं। वहीं नए ऑर्डर मिलना बंद हो गए हैं। इसके चलते केवल स्थानीय ऑर्डर का ही काम किया जा रहा है। कारखानों में इस समय उत्पादन करीब आधा रह गया है।