
प्रधानमंत्री फसल बीमा पॉलिसी वितरण, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने किसानों को दी पॉलिसियां; 3 साल में 101 लाख बीमाधारकों को मिला क्लेम..!!
पिछले वर्ष राजस्थान के कृषि विभाग द्वारा किसानों की प्रधानमंत्री फसल बीमा की पॉलिसी उनके हाथों में देने की शुरुआत की गई. राज्य सरकार की इस कवायद को केन्द्रीय स्तर पर सराहा गया. और अब देशभर में आज से फसल बीमा पॉलिसी को किसानों के हाथ में देने की शुरुआत की गई है. जयपुर में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने किसानों के हाथ में बीमा पॉलिसियां दी.
कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा की पॉलिसी वितरण की शुरुआत हमारे विभाग द्वारा की गई. केन्द्रीय स्तर पर इसे सराहा गया है. क्योंकि पहले डाक से पॉलिसी भेजी जाती थी, जो यदि किसान को नहीं मिलती तो उसे फसल नुकसान के बाद बीमा मिलने में भी परेशानी होती है. हमारे विभाग की इस पहल को आज पूरे देश में लागू किया गया है. कृषि मंत्री कटारिया ने ये विचार फसल बीमा पॉलिसी वितरण के कार्यक्रम ‘मेरी पॉलिसी-मेरे हाथ’ के दौरान व्यक्त किए. कटारिया ने कहा कि आज एक नई शुरुआत पूरे देश में हो रही है. कल अलवर में ओले पड़े, किसानों पर मौसम की मार पड़ी है. मैं भारत सरकार को धन्यवाद कहूंगा कि इस पॉलिसी से किसान लाभान्वित हो रहे हैं. हमारा राज्यांश हम समय पर जमा कराते हैं, जिससे प्रदेश के किसानों को समय पर क्लेम मिल पाता है.
कृषि बीमा का कितना मिल रहा लाभ:-
- खरीफ 2021 के दौरान पॉलिसी वितरण की शुरुआत की ई
- गांवों में कैम्प लगाकर किसानों को पॉलिसियां उनके हाथों में दी गई
- 39.56 लाख कृषक फसल बीमा पॉलिसियां किसानों को वितरित की गई
- पिछले 3 वर्ष में 101 लाख फसल बीमा धारक किसानों को 14500 करोड़ के बीमा क्लेम दिए
- खरीफ 2021 में 1 करोड़ 89 लाख फसल बीमा पॉलिसियां की गई
- इस दौरान 67 लाख 43 हजार हैक्टेयर क्षेत्र फसल का बीमा किया गया
- रबी 2021-22 में 1 करोड़ 59 लाख बीमा पॉलिसियों का सृजन किया गया
- 40 लाख 28 हजार हैक्टेयर क्षेत्र का फसल बीमा किया गया
कृषि मंत्री ने कहा कि अलग से कृषि बजट पेश कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक मिसाल पेश की है. किसान कल्याण कोष की राशि 2 हजार करोड़ से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ की गई है. 11 मिशन बनाए गए हैं, जिससे प्रदेश में कृषि क्षेत्र और किसानों को लाभ मिले. किसानों की आय बढ़े, इसके लिए बजट में बहुत महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. चाहे कृषि उपकरणों की बात हो या फिर सिंचाई उपकरणों की, सभी के लिए अनुदान बढ़ाया गया है. इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े केंद्रीय कृषि मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पॉलिसी लागू होने से किसानों को नुकसान की चिंता कम हुई है. आज करोड़ों किसान पॉलिसी का लाभ ले रहे हैं. पहले बीमा होने पर भी क्लेम के लिए किसान को चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब बीमा कंपनी को वहीं रहना पड़ता है.
पॉलिसी हाथ में देने से किसानों के क्लेम उठाने की निश्चितता बढ़ेगी:
समारोह में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव दिनेश कुमार ने कहा कि पॉलिसी हाथ में देने से किसानों के क्लेम उठाने की निश्चितता बढ़ेगी. हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को बीमा पॉलिसी उसके हाथ में दी जाए. कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने प्रधानमंत्री फसल बीमा में पंजीयन कराने से लेकर क्लेम लेने तक की प्रक्रिया की जानकारी दी. प्रदेश के बीमाधारक किसानों और लाभान्वित किसानों के बारे में बताया.
सबसे पहले फुलेरा के किसान रामनारायण को कृषि मंत्री ने हाथ में पॉलिसी दी:
समारोह के दौरान सबसे पहले फुलेरा के किसान रामनारायण को कृषि मंत्री ने हाथ में पॉलिसी दी. इस दौरान करीब आधा दर्जन अन्य किसानों को भी पॉलिसियां वितरित की गई. कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, फसल बीमा से जुड़ी कम्पनियों के प्रतिनिधि और किसान मौजूद रहे.