
गैर इरादतन हत्या में दोषी को 10 साल कारावास – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – एडीजे 17 मनोज कुमार सिद्धू की अदालत ने अकराबाद क्षेत्र में 11 साल पहले गैर-इरादतन हत्या में दोषी को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल के मुताबिक, 19 जून 2011 को थाना अकराबाद के गांव खेड़ा नारायन सिंह निवासी थान सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि एक दिन पहले थान के छोटे भाई तेजपाल को गांव का लाखन सिंह मछली पकड़ने के लिए अपने साथ बुलाकर ले गया था। शाम तक तेजपाल घर नहीं लौटा। पूछने पर भी लाखन ने कोई जवाब नहीं दिया, जबकि दो लोगों ने लाखन व तेजपाल को एकसाथ जाते हुए भी देखा था। एडीजीसी ने बताया कि नहर किनारे बैठकर लाखन व तेजपाल ने शराब पी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें लाखन ने तेजपाल की गला दबा दिया था। इसके बाद उसे नहर में धक्का दे दिया। हालांकि चार दिन बाद पुलिस ने तेजपाल का शव बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले की हड्डी टूटी मिली थी। अदालत ने सत्र परीक्षण के बाद लाखन को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया है। जिरह में मुल्जिम के गवाह,पुलिस ने जब लाखन को गिरफ्तार किया था तो उसने पूछताछ में बताया था झगड़े के दौरान तेजपाल ने उस पर खुरपी से पैर पर वार किया था। लाखन के पैर पर उसका निशान भी था। लेकिन, सफाई साक्ष्य के दौरान मुल्जिम पक्ष के गवाह ने कहा कि तेजपाल घटना के दिन उसके साथ था। इस पर एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल ने जिरह के दौरान सवाल किया कि क्या लाखन के पैर में कोई चोट लगी थी? तो गवाह ने खुरपी के निशान की बात स्वीकारी थी। मौके से सामान भी बरामद हुआ था। इससे स्पष्ट हो गया कि लाखन व तेजपाल साथ में ही थे। इसी आधार पर अदालत ने फैसला भी सुनाया।