रूस और यूक्रेन का युद्ध छिड़ चुका है। इस बीच यूक्रेन में फंसे एटा के छात्रों के परिजनों की चिंता

रूस और यूक्रेन का युद्ध छिड़ चुका है। इस बीच यूक्रेन में फंसे एटा के छात्रों के परिजनों की चिंता

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी है। इस संकट के बीच कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इनमें एटा जिले के दो छात्र भी शामिल हैं। 

रूस और यूक्रेन का युद्ध छिड़ चुका है। इस बीच यूक्रेन में फंसे एटा के छात्रों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वहां के घटनाक्रम की पल-पल की खबर टीवी और इंटरनेट के माध्यम से ले रहे हैं। साथ ही वॉयस और वीडियो कॉल के माध्यम उनके संपर्क में बने हुए हैं।

मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट नरेश चंद्र शाक्य और सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षक सूबेदार सिंह के पुत्र यूक्रेन के डेनिपर में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। फ्लाइट न मिलने और अब सभी फ्लाइटें रद्द होने से वह फंस गए हैं। दोनों ही छात्र हॉस्टल में हैं।

छात्रों ने बताया , इमरजेंसी जैसा है माहौल
परिजनों की उनसे लगातार बात हो रही है। छात्रों ने बताया कि वहां इमरजेंसी जैसा माहौल है। सभी लोगों को हॉस्टल के अंदर ही रहने के लिए कहा गया है। शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी नरेश चंद्र शाक्य ने बताया कि उनका पुत्र अर्पित शाक्य 2017 से यूक्रेन में है।
वहां डेनिप्रो स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में इस साल एमबीबीएस फिफ्थ इयर कर रहा है। वहां हालात तनावपूर्ण होने पर 20 फरवरी को फ्लाइट की बुकिंग कराई। 3 मार्च की तारीख दी गई। लेकिन इससे पहले ही वहां रूस ने हमला कर दिया और सभी फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं।
एयपोर्ट के पास हुआ मिसाइल से हमला
नरेश चंद्र शाक्य ने बताया कि अर्पित से लगातार बात हो रही है। वहीं अमर उजाला से हुई बात में अर्पित ने जानकारी दी कि अभी यहां खतरा तो नहीं है, लेकिन चिंता की स्थिति तो है ही। बुधवार को ही वहां के एयरपोर्ट के पास एक मिसाइल से हमला किया गया।

फिलहाल अर्पित अन्य छात्रों के साथ हॉस्टल में ही हैं। जरूरत का सामान, राशन आदि स्टॉक करके रख लिया है। दूतावास में बात चल रही है। जल्द बचाव का आश्वासन मिला है। इसी यूनिवर्सिटी में शहर के शांति नगर निवासी सूबेदार सिंह का पुत्र भी मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।

उन्होंने बताया कि पुत्र से बात तो लगातार हो रही है, उसने स्थिति भी सामान्य बताई है। लेकिन टीवी में दिख रहे हालातों को लेकर चिंता होती है। यूनिवर्सिटी में एटा और आसपास के जिलों के कई युवक हैं। जो एक-दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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