वेतन भुगतान को लेकर जवाहर तापीय परियोजना में हंगामा

वेतन भुगतान को लेकर जवाहर तापीय परियोजना में हंगामा

एटा। निर्माणाधीन जवाहर विद्युत तापीय परियोजना से जुड़े मजदूरों ने बुधवार सुबह धरना दिया। इनका आरोप है कि इन्हें पांच माह से वेतन नहीं मिला। वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। चेतावनी दी कि वेतन नहीं मिला तो वे बृहस्पतिवार को आत्मदाह करेंगे। ऐसे मजदूरों की संख्या 30 बताई जा रही है। वहीं जवाहर विद्युत तापीय परियोजना के मुख्य अभियंता बोले, संबंधित फर्म से बात कर वेतन दिलाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, ऐसे मजदूरों की संख्या 250 बताई जा रही है।

बुधवार सुबह सात बजे श्रमिकों का रोजाना की तरह परियोजना परिसर में प्रवेश शुरू हुआ। करीब 30 कर्मियों ने वेतन की मांग की। अधिकारियों ने मना कर दिया तो श्रमिक भड़क गए। उन्होंने गेट पर ही बैठकर धरना शुरू कर दिया। अन्य मजदूरों को भी रोक लिया। बाद में कार्य बहिष्कार करते हुए बाहर आ गए। पूरे दिन काम नहीं किया। अलीगंज निवासी नीलेश कुमार ने बताया कि पांच महीने से उन्हें वेतन भुगतान नहीं किया गया है। रोजाना एक-दो दिन की बात कहकर टाल दिया जाता है। आज सुबह हमने धरना दिया। अधिकारियों ने बाद में हमें परिसर से बाहर कर दिया। अजय सिंह ने बताया कि दूसान कंपनी ने कई छोटी-छोटी स्थानीय कंपनियों को ठेके दे रखे हैं। ये कंपनियां मजदूरों के भुगतान को लेकर समस्या खड़ी करती हैं। अधिकांश मजदूर बाहरी जनपदों के हैं। बिहार के भी कई लोग हैं। पांच महीने से वेतन न मिलने की वजह से वे भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। अब हमारी बात नहीं सुनी जाती है तो बृहस्पतिवार को आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे।

सात महीने पहले भी हुई थी हड़ताल
वेतन न मिलने की वजह से हड़ताल का यह पहला मामला नहीं है। यहां सात महीने पहले भी हड़ताल हो चुकी है। तीन अगस्त को कुबेर एंटरप्राइजेज के श्रमिकों ने हंगामा करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया था। उन्होंने करीब 400 श्रमिकों का चार महीने से वेतन न देने का आरोप लगाया था। अधिकारियों के हस्तक्षेप से हफ्ते भर में मामला शांत हुआ था।
प्लांट स्थापना में हो चुकी है देरी
1320 मेगावाट विद्युत उत्पादन के इस प्लांट की स्थापना में पहले ही देरी हो चुकी है। दूसान को इस प्रोजेक्ट का अनुबंध 22 दिसंबर 2016 को दिया गया था। जिसके मुताबिक अप्रैल 2021 तक इससे विद्युत उत्पादन शुरू किया जाना था। बीच में कोरोना काल के चलते कई महीने काम नहीं हो सका और यह पिछड़ गया। वर्तमान में यहां लगभग पांच हजार श्रमिक कार्यरत हैं।
मामले की पूरी तरह से जानकारी नहीं है। वेतन को लेकर श्रमिकों की नाराजगी हो जाती है। संबंधित फर्म से बात कर उनका भुगतान दिलाया जाएगा।

– हनुमान प्रसाद, मुख्य अभियंता, जवाहर विद्युत तापीय परियोजना

दूसान के अधीन एचजे इंजीनियर से हमारी फर्म का अनुबंध हुआ था। हमारा करीब 18 लाख रुपया फंसा हुआ है। कंपनी के अधिकारी भी नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते श्रमिकों और अन्य कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। मामले को लेबर कोर्ट में दर्ज कराया गया है।

  • विवेक रंजन, प्रभारी वीएस कंस्ट्रक्शन

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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