
नालों का जमा कीचड़ दुकानदार और ग्राहकों के लिए मुसीबत – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – नालों की सफाई में नगर निगम हर साल लाखों रुपये बहा देता है। मगर, नाले फिर भी साफ नहीं हो पाते। चोक पड़े ये नाले मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। खैर रोड पर इन दिनों बुरा हाल है। नाले की निकासी अवरुद्ध होने से जलभराव की समस्या बनी रहती है। इससे न सिर्फ राहगीर परेशान हैं, दुकानदारों को भी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। शहर विधायक संजीव राजा के कार्यालय के सामने भी हालात बुरे हैं। यहां से निकलना दूभर है। क्षेत्रीय लोगों के अलावा विधायक भी इस संबंध में कई बार शिकायत कर चुके हैं। मगर, समस्या जस की तस बनी हुई है। नगर निगम हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के लिए अभियान चलता है। पिछले डेढ़ साल में लाकडाउन के चलते नगर निगम को नालों की सफाई का भरपूर समय मिला था। तब आवाजाही नहीं थी, दुकानें बंद थीं। निगम अफसरों ने अभियान भी चलाया। नालों की तलीझाड़ सफाई के दावे किए गए। बजट का एक बड़ा हिस्सा इसमें खर्च हुआ। बावजूद इसके मानसून में सड़कें जलमग्न रहीं। खैर रोड पर ताे और बुरे हालात थे। ये हालात अब भी बने हुए हैं। यहां जलभराव की समस्या मानसून पर ही निर्भर नहीं है, कोई नाला भी चोक पड़ जाए तो सड़क पर पानी भर जाता है। नालों के किनारे जमा कीचड़ दुकानदार और ग्राहकों के लिए मुसीबत बनी रहती है। पिछले दिनों हुई हल्की बारिश में सड़क जलमग्न हो गई थी। तीन दिन बाद पानी उतरा। अब नाला चोक से होने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है।