अधिवक्ता न्याय पालिका की आँख है:-पंकज उपाध्यय एडवोकेट
कलेक्ट्रेट बार एटा सभागार में युवा अधिवक्ता कौशल विकास कार्यशाला का उद्घाटन।
एटा,
क्रिएटिव एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के तत्वाधान में आज कलेक्टेट बार एसोशिएसन एटा के सभागार में युवा अधिवक्ता कौशल विकास कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर सीनियर एडवोकेट सुभाष चंद्र द्वारा किया गया ।कार्यक्रम के सहयोगी के रूप में क्रिएटर सोसाइटी के अध्यक्ष देवेंद्र स्वरूप वर्मा एडवोकेट, प्रबंधक मुख्य संयोजक योगेश कुमार सक्सेना एडवोकेट सह संयोजक ,अमित जौहरी एडवोकेट के सौजन्य से 6 दिवसीय चलने वाला कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वी0पी0 सिंह एडवोकेट द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रथम अधिवक्ता के रूप में सीनियर एडवोकेट सुभाष चंद्र ने कहा कि क्रिएटर एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा युवा अधिवक्ताओं के लिए कौशल विकास कार्यशाला के माध्यम से युवा अधिवक्ताओं को विधिक की गहनता के साथ जानकारियां दी। और कहा कि युवा अधिवक्ता अदालतों में प्रक्रिया कैसे चलती है।अपने सीनियर मुंसीयों के माध्यम से भी सीख सकते हैं ।युवाओं को अपने सीनियर अधिवक्ताओं का भी सम्मान करते हुए कुछ ना कुछ विधिक जानकारियां हर समय सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए। युवा अधिवक्ताओं के ज्ञानवर्धन के लिए ऐसी कार्यशाला समय-समय पर होती रहनी चाहिए। लॉ कॉलेज के प्राचार्य योगेश चंद्र चतुर्वेदी एडवोकेट ने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ताओं से सीखना चाहिए। और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारे प्रोफेशनल में कितने युवा अधिवक्ता आएदिन जुड़ रहे हैं ।उनको हमें पूरा सम्मान देना चाहिए।इस अबसर पर पंकज उपाध्याय एडवोकेट हाई कोर्ट ने कहा कि एटा मेरी मदर बार है मैं युवा अधिवक्ताओं के लिए कुछ नवीन जानकारियां देने हेतु आज युवा अधिवक्ताओं के बीच कौशल विकास कार्यशाला के माध्यम से उनकी दक्षता और उनके दिशानिर्देश देने के लिए आया हूं। युवा अधिवक्ताओं को विशेष रुप से तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने क्लाइंट की बात को समझे पढ़े और ध्यान से समझकर अपने क्लाइंट का समाधान कराए। क्योंकि अधिवक्ता न्यायपालिका की आंख हैं ।इसलिए अधिवक्ताओं को समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए युवा अधिवक्ताओं की मदद करनी होगी ।इस बीच क्रिएटिव एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष देवेंद्र स्वरूप वर्मा एडवोकेट ने वीर रस की कविता पाठ करते हुए कहां कि कनिष्ठ अधिवक्ताओं के कंधों पर भार होता है। वरिष्ठ अधिवक्ता तो युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शक होते हैं ।युवा अधिवक्ताओं को वास्तव में नवीन विधिक जानकारियां अपने सीनियर एडवोकेट से हर समय लेने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। और उनके हाव भाव वेशभूषा बोलचाल और बहस करने के तरीके उनकी लेखन विधि को भी ठीक से समझने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के महासचिव संजय उपाध्याय एडवोकेट ने कहा कि मैं उपस्थित युवा अधिवक्ताओं को धन्यवाद देता हूं। कि वह कार्यशाला में सीखने के लिए उपस्थित हुए वास्तव में युवा अधिवक्ताओं को इस 6 दिवसीय कार्यशाला में प्रतिदिन विषय के हिसाब से सीखने का मौका मिलेगा ।उन्हें 1 घंटे का समय निकालकर सीखना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे क्रिएटिव एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के प्रबंधक/ मुख्य संयोजक योगेश कुमार सक्सेना एडवोकेट ने कहा कि हमने 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ आज से कर दिया है। प्रतिदिन अलग-अलग विषय रहेंगे ,उद्घाटन सत्र में विषय के रूप में मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों का सृजन रहेगा विषय पर चर्चा हुई। बुधवार को “आपराधिक मामले” का विषय रहेगा बृहस्पतिवार को” दीवानी मामले” का विषय रहेगा ।शुक्रवार को “राजस्व मामले” का विषय रहेगा ।सोमबार को “महिला सशक्तिकरण” का विषय रहेगा और मंगलवार को “मनवाधिकार मामले “और समापन विषय रहेंगे। आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वी 0पी 0सिंह एडवोकेट ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि क्रिएटिव एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सौजन्य से युवा अधिवक्ता कौशल विकास कार्यशाला का शुभारंभ युवा अधिवक्ताओं के लिए बहुत ही कारगर साबित होगा। वकालत एक ऐसा विषय है इसमें जीवन भर प्रैक्टिस के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। युवा अधिवक्ताओं को अपने सीनियर एडवोकेट्स के माध्यम से उनसे विभिन्न प्रकार की विधिक जानकारियां एवं एक्टिविटीज सीखना चाहिए ।अध्यक्ष जी ने उद्घाटन सत्र का समापन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित युवा एवं सीनियर अधिवक्ताओं का धन्यवाद किया ।इस अवसर पर युवा अधिवक्ता शीलेन्द्र कुमार एडवोकेट, कृष्ण प्रताप सिंह एडवोकेट ,इंद्रपाल सिंह एडवोकेट ,देवेन्द्र कुमार लोधी एडवोकेट, सरिता एडवोकेट, सीनियर अधिवक्ताओं में विनय शर्मा एडवोकेट, रामवीर सिंह एडवोकेट, शेर सिंह बघेल एडवोकेट मनमोहन चतुर्वेदी एडवोकेट, उदय पाल सिंह सोलंकी एडवोकेट, सुभाष चंद्र एडवोकेट, पंकज उपाध्याय एडवोकेट ,योगेश सक्सैना एडवोकेट, संजय उपाध्याय एडवोकेट आदि लोग मौजूद रहे।
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