
हंगामा: मुख्यमंत्री योगी की प्रेस कान्फ्रेंस में महिलाओं ने किया हंगामा – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – सीएम योगी के दीनदयाल अस्पताल पहुंचने से पूर्व सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद दिखाई दे रही थीं। इमरजेंसी वाले मार्ग को डायवर्ट कर दिया। सभी रोगी व तीमारदार ओपीडी गेट से ही अंदर भेजे गए, लेकिन सीएम के पहुंचने पर ऐसी ढिलाई हुई कि अस्पताल के ही अस्थाई कर्मचारियों व उनके परिवार की महिलाओं ने प्रेस कान्फ्रेंस स्थल के पास बिल्कुल समीप पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। यह देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। महिला पुलिस की मदद से सभी को पीछे किया गया। महिलाएं सीएम से मिलने के लिए शोर मचाती रहीं। सीएम मीडिया से बातचीत के तुरंत बाद अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। सपना गुप्ता, जीतेंद्र कुमार, सुनीत, राजमणि, यज्ञदेव, राघवेंद्र आसिंह आदि ने मीडिया को बताया कि करीब 30 साल पूर्व अस्पताल की स्थापना के समय चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को नियुक्त किया गया। भरोसा दिया कि जल्द ही सभी को विभाग में समायोजित कर लिया जाएगा। लेकिन, तब से आज तक न तो उनका स्थायीकरण हुआ और न संविदा कर्मी ही माना गया। पहले 2200-2300 रुपये मिलते थे, जो बाद में नौ-दस हजार हो गए। अब तीन साल से वह भी नहीं । कोर्ट ने स्थायीकरण के लिए हमारे पक्ष में फैसला दिया, मगर तत्कालीन व वर्तमान अधिकारी कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं। इससे हम 14 परिवारों के समक्ष जीविका का संकट है। कोई सुनने वाला नहीं। मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा बताना चाहते थे, लेकिन अधिकारियों ने मिलने नहीं दिया। आनन-फानन की गईं व्यवस्था सीएम के दौरे को लेकर आनन-फानन व्यवस्था हुईं। इमरजेंसी के बाहर पोर्च पर अस्पताल का पुराना बोर्ड उतारकर नया बदला गया। वार्डों को भी दुरुस्त किया गया। बेडों पर नई चादरें बिछाई गईं। समस्त अस्पताल स्टाफ उपस्थित रहा। सभी एप्रेन पहनकर ड्यूटी पर मुस्तैद दिखे।