
पूर्व वि. राकेश सिंह के अगले सियासी कदम का समर्थकों को इंतजार – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – छर्रा सीट से प्रबल दावेदार सपा के पूर्व विधायक ठा.राकेश सिंह ने टिकट कटने के बाद से किसी भी तरह एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए थे। संगठन से जुड़े सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपने सरपरस्तों की मदद से ऐसी वीटो लगवाई कि सपा-रालोद गठबंधनों के मुखिया ने आपस में उनके नाम पर विचार किया। यही वजह रही कि उन्होंने बरौली सीट के लिए नामांकन पत्र खरीदवाया। उनके इस कदम और प्रयास से जिले के सियासी खेमों में खलबली मची रही। हालांकि मांट जैसे विवाद से बचने के लिए दोपहर तक उनको फार्म-बी नहीं दिया जा सका और वे नामांकन नहीं कर सके। अब उनके अगले सियासी कदम का सभी को समर्थकों को इंतजार है।गुरुवार को एकाएक जिले के सियासी खेमे में यह खबर आई कि छर्रा से टिकट न मिलने के बाद से अपनी टिकट के लिए प्रयासरत ठा.राकेश सिंह बरौली से चुनाव लड़ेंगे। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थकों ने इस तरह की पोस्ट शेयर कीं। संगठन से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों पर भरोसा करें तो दोनों पार्टियों के मुखिया में इस बात पर सहमति बनी। कहा कि राकेश को बरौली शिफ्ट कर दिया जाए। मगर दिक्कत ये थी कि यह सीट रालोद के खाते में है और रालोद यहां प्रत्याशी घोषित कर फार्म बी दे चुकी थी। प्रत्याशी प्रमोद गौड़ नामांकन भी कर चुके थे। इसलिए रात से सुबह तक विमर्श के बाद ऐनवक्त तक सहमति नहीं बन पाई। शायद यही वजह रही कि लखनऊ के बाद दिल्ली में डेरा डाले रहे राकेश सिंह को फार्म बी नहीं मिल सका। हालांकि उनके समर्थकों ने सुबह नामांकन पत्र खरीद लिया था। इशारे के इंतजार में तमाम समर्थक उनके आवास पर सुबह से ही डेरा डाले रहे। बाद में जब खबर आई कि यह नहीं हो पा रहा तो सभी मायूस रहे। इधर, ठा.राकेश सिंह इतना ही कहते हैं कि उन्होंने प्रयास किया था। मगर पार्टी का हर आदेश मान्य है। सपा को जिताना है, अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। यही बात अपने समर्थकों से कही है।