गृह मंत्री के गृह क्षेत्र में पत्रकार की मां को गैरकानूनी तरीके से किया हवालात में बंद

मामला दतिया जिले के भाण्डेर क्षेत्र में आने वाली बिछौदना चौकी का है जहां पहले पत्रकार राम मिलन यादव पर पुलिस ने षड्यंत्र करके अंजू नामक महिला से प्रार्थना पत्र लेकर पत्रकार राम मिलन यादव पर धारा 420 का मुकदमा कायम किया
जिसमें अंजू रजक ने अपने खाते से ₹180000 का खाते से निकालना प्रार्थना पत्र में बताया गया जो ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हुआ है जब इस संदर्भ में पत्रकार राम मिलन यादव ने जानकारी लगाई तो बैंक ने बताया कि यह पैसा 180000 आधार कार्ड से निकला हुआ है और वह पैसा खाता धारक ने अपनी सुयेक्षा से निकाला हुआ है और पैसा आधार कार्ड से एक बार में 10000 ही निकलता है इससे ज्यादा एक दिन में नहीं निकलता है और महीने में 50000 ही आधार कार्ड से पैसा निकलता है यह जानकारी बैंक मैनेजर द्वारा पीड़ित पत्रकार को दी गई सोचने वाली बात यह है कि अगर पैसा आधार कार्ड से निकला है तो किसी छोटी ब्रांच से निकला होगा जो ब्रांच किसी ना किसी के नाम से रजिस्टर्ड होगी आखिर पुलिस ने उस रजिस्ट्रेट ब्रांच बाले को क्यों नहीं पकड़ा
और अंजू रजक पत्रकार राम मिलन यादव को जानती तक नहीं है अंजू रजक द्वारा प्रार्थना पत्र में
यह भी नहीं दर्शाया गया कि राम मिलन यादव उनको कितनी बार मिले और कब कब पैसा उनके खाते से निकाला अंजू रजक ने फर्जी तरीके से आरोप लगाकर पत्रकार को फर्जी फंसाया है
राजा यादव के नाम से प्रार्थना पत्र दिया गया था
जिसके चलते पत्रकार राम मिलन यादव दतिया एसपी अमन सिंह राठौर से कई पत्रकार साथियों के साथ मिले थे और निष्पक्ष जांच के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई इसके बाद पत्रकार राम मिलन यादव ने कई जगह
न्याय की गुहार आला अधिकारियों से लगा चुके हैं कई जगह उच्च अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के लिए प्रार्थना पत्र भी लिखे गए 1 साल बाद निष्पक्ष जांच का एक नोटिस आता है जिसमें मामले की जांच एडिशनल एसपी दतिया द्वारा की जा रही है ऐसा नोटिस में लिखा हुआ मिलता है पीड़ित पत्रकार न्याय के लिए एडिशनल एसपी के पास पहुंचता है जब पत्रकार एडिशनल एसपी से दूरभाष पर संपर्क करता है तब एडिशनल एसपी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होना बताते हैं पीड़ित पत्रकार समय निकालकर दतिया पहुंचा था इसके बाद कार्य में व्यस्त होने के बाद कई बार एडिशनल एसपी से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क ना हो सका जबकि भांडेर थाना पुलिस पत्रकार के पीछे पड़ी हुई है और षड्यंत्र करके से जेल भेजना चाहती है
आखिर जब मामले की जांच एडिशनल एसपी कर रहे हैं तो पीड़ित पत्रकार की मां को पुलिस ने थाने में बंद क्यों किया
क्या पुलिस का तरीका सही है गैर कानूनी तरीके से वृद्ध पत्रकार की मां को पुलिस ने क्यों उठाया सवाल बहुत खड़े होते हैं
हालांकि यह पहला मामला नहीं है कई मामले ऐसे हैं जहां पर कई पत्रकारों की आवाज को दबा दिया गया है या कई पत्रकारों को झूठे मुकदमों में फंसा कर जेल में डाल दिया गया है कई पत्रकार अभी भी जेल में है और कई पत्रकारों का अभी भी ट्रायल चल रहा है आखिर कब होगा पत्रकार साथियों के साथ न्याय और कब होगी भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही
मध्य प्रदेश क्षेत्र के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा जबकि दतिया विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश शासन के गृह मंत्री भी हैं फिर भी पत्रकारों के साथ इस तरीके का बर्ताव पुलिस द्वारा किया जा रहा है
अब सवाल हम अपने देश के लोगो पर छोड़ते हैं की जब समाज को जरूरत होती है तो समाज पत्रकार को याद करती है नीचे नंबर दिए जा रहे हैं क्षेत्रीय लोग उच्च अधिकारियों से बात करके जानकारी ले और पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाएं