21 दिनों में ढाई गुना बढ़ गए कोरोना के एक्टिव केस

यूपी में खतरे की घंटी :

21 दिनों में ढाई गुना बढ़ गए कोरोना के एक्टिव केस

लखनऊ; कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच प्रदेश में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ रहे हैं। कई महीनों बाद दिसंबर में यह वृद्धि देखने को मिल रही है। बीते 21 दिन में संक्रमण के मामलों में तकरीबन ढाई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। 30 नवंबर को प्रदेश में सक्रिय केसों की संख्या 89 थी, मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में यह बढ़कर 211 हो चुकी है। बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। लखनऊ, आगरा सहित कई जिलों में फिर सख्ती के निर्देश जारी किए गए हैं।
तेज टीकाकरण और हर दिन डेढ़ से पौने दो लाख कोविड सैंपलों की जांच के बाद भी कोरोना संक्रमण के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। नवंबर में नए मिलने वाले केसों की जो संख्या इकाई के अंक में थी वो अब फिर दहाई में पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में फिर 23 नए केस मिले हैं। संक्रमण के बढ़ने को यदि आंकड़ों की नजर से देखें तो एक नवंबर को सक्रिय केस 106 थे, जो 30 नवंबर को 89 रह गए। हालांकि नवंबर में ही सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 89 से भी नीचे पहुंच गया था। जबकि 16 दिसंबर की रिपोर्ट में यह संख्या 157 पहुंच चुकी थी, जो अब 211 तक पहुंच गई है।
ओमिक्रोन तो नहीं पर डेल्टा बरकरार
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक यूपी में जरूर हुई है मगर फिलहाल राहत की बात यह है कि उसके मामले बढ़े नहीं हैं। चिंता की बात यह है कि डेल्टा वेरिएंट बरकरार है। बीते दिनों जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे गए सैंपलों में से खराब सैंपलों को छोड़ दें तो बाकी सबमें डेल्टा वेरिएंट की ही पुष्टि हुई है। दो बार भेजे गए सैंपलों में ऐसे मामले 49 हैं।
तीसरी लहर की तैयारी में जुटा विभाग;
उधर, स्वास्थ्य विभाग तेजी से तीसरी संभावित लहर की तैयारी में जुटा है। खासतौर से सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए पीकू वार्ड की व्यवस्था की गई है। जिलों के अलावा सीएचसी और पीएसची पर भी आईसीयू बेड बढ़ाए गए हैं। ऑक्सीजन के 551 प्लांट लग चुके हैं। पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता का भी दावा किया गया है। 17 व 18 दिसंबर को दो दिवसीय मॉक ड्रिल के जरिए तमाम तैयारियों को परखा भी गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है इसलिए लोग सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। भीड़भाड़ से बचें और मॉस्क का प्रयोग जरूर करें। 

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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