
क्या चुनाव आयोग भाजपा सरकार के खिलाफ़ भी कदम उठाएगा?
केएनएलएस – जब 2012 के विधानसभा चुनाव हुए थे, तो चुनाव आयोग ने यह कहते हुए पार्को स्मारकों में बने हुए हाथियों को ढकवा दिए थे कि ये जनता के पैसे से बने हुए हैं। यह बसपा का चुनाव चिन्ह है और इससे बसपा का प्रचार होगा। जबकि बसपा का चुनाव चिन्ह वाला हाथी सूंड नीचे लटकाए हुए हैं और स्मारकों के हाथी स्वागत की मुद्रा में सूंड ऊपर उठाएं हुए हैं। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने हाथियों को ढकवा दिया था। इसी प्रकार 2017 के चुनावों में राशन कार्डों के कवर पेज पर अखिलेश यादव की
फोटो छपी हुई थी। चुनाव आयोग ने तब राशन कार्ड का मुख्य पेज फड़वा दिया था। आज उत्तर प्रदेश सरकार ने मुफ्त के राशन के साथ मार्च तक एक एक किलो नमक और तेल बाँटने की घोषणा की है। तेल और नमक के पाउच पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की फोटो छपी हुई है। जनवरी में आचार संहिता लग जायेगी। इनसे सीधा भाजपा का प्रचार होगा। अब सवाल यह है कि चुनाव आयोग इन पाउच को बदलवाने का काम करेगा? क्या यह उसी तरह की कार्यवाही करेगा जैसी 2012 और 2017 में की थी?
– रिपोर्ट निशाकांत शर्मा
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