
गल चुके हैं लोहे के पिलर, ‘दहशत’ के साये में चीनी मिल की मरम्मत – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – लोहे के ढांचे पर टिकी साथा चीनी मिल की मरम्मत का कार्य दहशत के साये में हाे रहा है। 70 के दशक की इस मिल में टिनशेड और लोहे के पिलर गल चुके हैं। दीवारों में दरारें पड़ी हैं। लोहे की सीढ़ियों से ऊपर जाने में डर लगता है। मरम्मत में लगे मजदूर काफी एहतियात बरत रहे हैं। कब कौन सा हिस्सा नीचे आ गिरे, इसकी आशंका बनी रहती है।मिल प्रबंधन 15 दिसंबर तक मिल चालू करने में असहमति जता रहा है। जबकि, डीएम ने यही तारीख तय की है। मिल प्रबंधन का कहना है कि 20 दिसंबर तक मिल चालू हो जाएगा।मिल प्रबंधन के मुताबिक 85 प्रतिशत काम हो चुका है। बाकी 15 प्रतिशत काम में मजदूर जाेखिम उठा रहे हैं। पिछले दिनों विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने 15 दिसंबर तक मिल चालू करने के आदेश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय तारीख पर मिल चालू नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इधर, 15 दिसंबर तक मिल चालू को प्रबंधन तैयार नहीं है। मिल प्रबंधक राम शंकर का कहना है कि लोहे के पाइप गल चुके थे, जिन्हें बदल दिया गया। अभी भी काफी हिस्सा ऐसा है, जो जर्जर है। 140 मजदूर मरम्मत कार्य में लगे हुए हैं। कुशवाह इंटरप्राइजेज और बृजेश इंटरप्राइजेज कंपनी की तकनीकी टीम भी कमान संभाले है। लोहे का ढांचा कमजोर होने से मजदूरों को दिक्कत आ रही है। 20 दिसंबर तक मिल में गन्ने की पेराई शुरू करा दी जाएगी।