“विश्व पर्यवरण दिवस” के अवसर पार आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमैटी के राष्ट्रीय सचिव पूर्व विधायक विवेक बंसल ने कोल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगला पानखानी, ग्राम रुस्तमपुर, ग्राम कोंछोड़, किशनपुर मरघट और बेगपुर कब्रुस्तान में वृक्षारोपण किया इस अवसर पर विवेक बंसल ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये वायुमंडल एवं वातावरण का शुद्ध होना अति आवश्यक है और वृक्ष हमारे जीवन की ऐसी चीज़ है जोकि इन दोनों आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सक्षम हैं वृक्षों से न सिर्फ छाओं व फ़ल मिलते हैं अपितु उनसे निकलने वाली गैस से वातारवरण को शुद्ध करने में भी काफ़ी मदद मिलती है मानव जीवन में वृक्षों का महत्वपूर्व उपयोग है जिसके लिये जितने ज्यादा वृक्ष होंगे उनता ही मानवता का भला होगा शुद्ध पर्यावरण की आवश्यकता न सिर्फ मनुष्यों की है अपितु जीव जंतुओं के लिये भी ये आवश्यक है विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें अलीगढ़ जनपद ही नहीं अपितु पश्चिमी उत्तर प्रदेश वरिष्ठ पर्यावरणविद पं0 सुबोध नन्दन शर्मा जी की अनुपस्थिति खल रही है न जाने किस अपराध में उनको ये सज़ा मिली है ये हमारी समझ से परे है कि ये शासन की नीतियों का पालन करने के लिये न्यायिक प्रक्रिया का ये निर्णय काफ़ी दुःखद एवं पीड़ादायक है ।
पर्यावरण बचाने के लिये वायुमंडल एवं वातावरण का शुद्ध होना अति आवश्यक है-रिपोर्ट,राहुल शर्मा
“विश्व पर्यवरण दिवस” के अवसर पार आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमैटी के राष्ट्रीय सचिव पूर्व विधायक विवेक बंसल ने कोल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगला पानखानी, ग्राम रुस्तमपुर, ग्राम कोंछोड़, किशनपुर मरघट और बेगपुर कब्रुस्तान में वृक्षारोपण किया इस अवसर पर विवेक बंसल ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये वायुमंडल एवं वातावरण का शुद्ध होना अति आवश्यक है और वृक्ष हमारे जीवन की ऐसी चीज़ है जोकि इन दोनों आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सक्षम हैं वृक्षों से न सिर्फ छाओं व फ़ल मिलते हैं अपितु उनसे निकलने वाली गैस से वातारवरण को शुद्ध करने में भी काफ़ी मदद मिलती है मानव जीवन में वृक्षों का महत्वपूर्व उपयोग है जिसके लिये जितने ज्यादा वृक्ष होंगे उनता ही मानवता का भला होगा शुद्ध पर्यावरण की आवश्यकता न सिर्फ मनुष्यों की है अपितु जीव जंतुओं के लिये भी ये आवश्यक है विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हमें अलीगढ़ जनपद ही नहीं अपितु पश्चिमी उत्तर प्रदेश वरिष्ठ पर्यावरणविद पं0 सुबोध नन्दन शर्मा जी की अनुपस्थिति खल रही है न जाने किस अपराध में उनको ये सज़ा मिली है ये हमारी समझ से परे है कि ये शासन की नीतियों का पालन करने के लिये न्यायिक प्रक्रिया का ये निर्णय काफ़ी दुःखद एवं पीड़ादायक है ।