समस्त संसार में एक परिवार की भावना से ही उन्नति संभव – सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज
सभी में ईश्वर का रूप देखते हुए प्रेम से जीवन जियें- सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

कासगंज– तीन दिवसीय वर्चुअल रूप मे आयोजित 74 वें निरंकारी संत समागम मे सतगुरु माता सुदिक्षा जी महाराज ने मानवता के नाम संदेश देते हुए कहा ‘‘परमात्मा ने यह सृष्टि और मनुष्य का निर्माण केवल प्यार करने के लिए किया है। अतः सभी में ईश्वर का रूप देखते हुए प्रेम से जीवन जियें, यही मनुष्य जीवन का मुख्य लक्ष्य है।’’
“परमात्मा यदि हमारा अपना है तो इसका रचा हुआ संसार भी हमारा अपना ही है। है परमात्मा सबका आधार है। हर एक में और ब्रह्मांड के कण-कण में इसी का वास है। ऐसा भाव जब हृदय में बस जाता है तब किसी अन्य वस्तु अथवा मनुष्य में फिर कोई फर्क नजर नहीं आता।अतः हम यह कह सकते हैं कि समस्त संसार में परिवार की भावना जीवन में धारण करने से ही उन्नति संभव है।”
सत्गुरु माता जी ने आगे कहा कि – कोरोना ने मानव को रोज़मर्रा की जिंदगी में निःस्वार्थ भाव से एक-दूसरे पर विश्वास करना सिखाया। हम सभी के अंदर इस परमात्मा को देखते हुए एक-दूसरे का सत्कार करें, नर सेवा, नारायण सेवा का भाव रखंे तो यही परम धर्म है। हमें जागृत रहना है और ध्यान रखना है कि इस धरती से जब जायें, तो इसे पहले से बेहतर छोड़कर जायें।परमात्मा को जानकर उस पर विश्वास करने से आनंद की अवस्था प्राप्त होती है। यदि हम सामाजिक रूप में देखें तो केवल सह-अस्तित्व ही नहीं अपितु शान्तिपूर्ण सह-अस्तित्व के भाव से जियें। परमात्मा ने हमें जो प्राकृतिक स्रोत दिये हैं उनका हम सदुपयोग करें।
स्थानीय मीडिया प्रभारी अनिल कुमार चंद्रा ने बताया चल रहे सत्संग समारोह में देश विदेश से भाग ले रहे वक्ता, गीतकार एवं कवियों ने अपने अपने व्याख्यान गीत एवं कविताओं के माध्यम से समागम के मुख्य विषय “विश्वास- भक्ति- आनंद” पर रोशनी डाली! जिसका आनंद मिशन की वेबसाइट एवं साधना टीवी चैनल के माध्यम द्वारा विश्व भर के लाखों श्रधालुओ के साथ कासगंज के निरंकारी भक्तो ने 74 वें निरंकारी समागम का आनंद लिया |