*एटा-अम्बारी गांव की एक महिला ने सड़क पर* *शिशु को जन्म दिया* ऐम्बुलेंस को सूचित किया गया तो जबाव मिला अभी कोई ऐम्बुलेंस खाली नही है,कोरोना की बजह से सभी—-मजबूर परिवार जिलाचिकित्सालय लेकर आया वहां भी प्रसब पीडा़ं से कराहती महिला को वापस भेज दिया,परेशान परिवार एक प्राइवेट नरसिंग होम लेजाते समय महिला ने खुले आसमान के नीचे रास्ते मे ही शिशु को जन्म दिया,यह चिकित्सा विभाग की बड़ी खामियां हैं जो महिलाओं की आबरू,और जिंदगी से खुले आम खिलवाड़ कर रहे है।आखिर कबतक,जबाब तो बनता है,प्रशासन से कि औरत कबतक मशीन बनी रहेगी।
अम्बारी गांव की एक महिला ने सड़क पर शिशु को जन्म दिया
*एटा-अम्बारी गांव की एक महिला ने सड़क पर* *शिशु को जन्म दिया* ऐम्बुलेंस को सूचित किया गया तो जबाव मिला अभी कोई ऐम्बुलेंस खाली नही है,कोरोना की बजह से सभी—-मजबूर परिवार जिलाचिकित्सालय लेकर आया वहां भी प्रसब पीडा़ं से कराहती महिला को वापस भेज दिया,परेशान परिवार एक प्राइवेट नरसिंग होम लेजाते समय महिला ने खुले आसमान के नीचे रास्ते मे ही शिशु को जन्म दिया,यह चिकित्सा विभाग की बड़ी खामियां हैं जो महिलाओं की आबरू,और जिंदगी से खुले आम खिलवाड़ कर रहे है।आखिर कबतक,जबाब तो बनता है,प्रशासन से कि औरत कबतक मशीन बनी रहेगी।