केरल.
भारत जैसे देश मे अगर कही सबसे अधिक शिक्षित संख्या है तो वह राज्य केरल के नाम दर्ज है, लेकिन यह कैसा शिक्षित राज्य है जहा के लोग जानवर से भी कम बुद्धि रखते हैं,यहा के लोग यह तक नहीं जानते हैं कि क्या वस्तु किसको खिलाई जाती है,या फ़िर कौन कितना योग्य है!..यह एक केरल मे अब सबाल बन गया है कि इन्सान पर विश्वास करने वाला बो जानबर !जो गर्भवती थी या फ़िर वो जो विश्वास मे बम ही खिला गया,
मित्रो दुनिया इतनी क्रुर तो नही थी कि जानवर दोस्त होने के फ़र्ज निभाता रहा ओर इन्सान धोखा करता गया…..,
यह मामला केरल के पक्कबण का है जहा एक गर्भवती हथनी को अनानास मे बारुद रखकर खिला दिया गया,बो तीन दिन तक खुद को पानी मे आधे शरीर के साथ बैचेन खडी रही…, दर्द से कराहती रही…, लेकिन जानते हो उसने किसी से कुछ भी शिकायत नही की….,वो अपने अजन्मे बच्चे को पेट मे रख कर सिर्फ़ पानी मे तीन दिन खडी रही…,वो चिल्लती रही…., लेकिन किसी से उसने मरहम की नही कही!सोचो उस मा पर क्या बीती होगी जिसके गर्भ मे एक शिशु था…, यह चिन्तन का विषय है कि एक जानवर ने दुनिया मे अब तक खुद से पहले किसी को चोट नही पहुचाई है!इन्सान ही जंगल तक जा पहुचा है लेकिन जानवर… जिसने इन्सान को चलना सिखाया था,आज उसी ने जानवर का कत्ल कर दिया,इन्सान बहुत नीचे गिर गया है,वह हथनी अपने बच्चे को क्या जबाब दे रही होगी कि मै तुमको दुनिया मे नही ला पाई सिर्फ़ इसलिये की मैने तुम्हारी चिन्ता ना करके इन्सान पर भरोसा कर लिया,आज पुरा भारत दुखी है कि एक मा कितने दर्द के साथ इस दुनिया से अपने बच्चे के साथ विदा हुई होगी, लेकिन फ़िर भी कोई फ़र्क नही सिर्फ़ कुछ होहल्ला के साथ सब चुप हो जायेगे क्युकि किसी इसान का बेटा या मा थोडे ही मरी है,वो हथनी ही तो थी……!कई सबाल होगे उस हथनी के मन मे इन्सानो के लिये,लेकिन विना कुछ कहे ही आज वो मर गयी,
*सोचो जैसे अमेरिका मे एक अश्वेत अफ़्रीकी मुल के व्यक्ति की मौत के बाद अमेरिका मे क्या हुआ है अगर कुछ इस हत्या पर हाथी समुदाय सड़क पर उतर आता तो…. सहाब बो बहुत समझदार है वो अपने हदे जानते है लेकिन बेहुदा इन्सान अपनी हदे भुल गया है जिसका परिणाम यह हुआ कि एक हथनी…?*
केरल के CM पी बिजयन ने कहा कि दोषीयो के साथ कोई रियायत नही की जायेगी,किसी भी कीमत पर न्याय होगा,
*हमारा सवाल है…..*
सहाब खुब न्याय किजिये..,दिन रात की अदालत किजिये,खुब बडी -बडी फ़ाइले बनाओ लेकिन सहाब उस मा के दर्द को समझोगे जिसने खुद के मरने से पहले बच्चे को मरते हुये उस कोख मे महसुस किया होगा.. वो किस कदर तड़पा होगा,कोख मे किस बैचेनी से उसकी सासे निकली होगी.. सोचो सहाब वो मा कितनी रोई होगी की आखिर एसा क्या करु जो अपने बच्चे को तो खुद के मरने से पहले बचा लु… सहाब खुब बडी फ़ाइल बनाना इतने पन्ने होने चाहिये कि कोई सवाल वाकी ना रहे मगर मुझे इतना जरुर बताओ की मेरी कोई गलती होगी भी तो मेरे बच्चे की क्या गलती थी जिसे जन्म से पहले मार दिया….. एसे ही सवाल आज भारत के प्रत्येक व्यक्ति के मन मे उबाल ले रहे होगे, लेकिन अभागा भारत ओर अभागे भारत के जीव जो खुद की व्यथा किसी से ना कह सके,
*सहाब न्याय जरुर करना..*
भारत मे हर रोज जानवरो के साथ कत्लखानो मे किस हेबानियत के साथ उनका कत्ल किया जाता है शायद कुछ लोगो ने देखा भी नहीं होगा लेकिन इन्सानो के पेट की भुख ने बेजुवान जानवरो को कत्ल करना अपनी भुख मिटाने का सही तरीका मान लिया है, जब की इन्सानो के लिये दुनिया मे बहुत कुछ है खाने के लिये.,……
*पेटा की तरफ़ से मेनका गान्धी ने कहा है कि यह घटना दुखद है ओर इसकी जाच की तह तक जायेगे क्युकि यह एक निर्जीव जीव का सवाल है*
केन्द्रिये मन्त्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि अनानास मे बारुद आखिर क्यु आया ओर किस लिये,कही यह साजिस तो नही, लेकिन हम जल्द ही अपराधियो को सलाखो के पीछे ले कर जायेगे