
आज दिनांक 27 नवंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सिंधु बॉर्डर पर देश के कोने-कोने से आए किसान नेताओं की लगभग 3 घंटे तक बैठक चली उक्त बैठक में बिंदुवार विस्तार पूर्वक चर्चा हुई जिसमें तय किया गया कि अब तक 1 वर्ष से किए जा रहे आंदोलन के पश्चात मोदी सरकार दो कदम पीछे हट चुकी है तो कहीं ना कहीं एक कदम पीछे हटाते हुए किसान नेताओं ने भी 29 तारीख से चलने वाले सदन को दृष्टिगत रखते हुए संसद पर ट्रैक्टर मार्च को सामूहिक रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया गया और तय किया गया कि अगर सरकार ने तत्परता दिखाते हुए देश के किसानों की मांगों को नहीं माना तो 04 दिसंबर को पुनः संयुक्त किसान मोर्चा के सभी सहयोगियों की बैठक सिंधु बॉर्डर पर होगी जिसमें अग्रिम रणनीति तय की जाएंगी निश्चित रूप से सरकार और किसानों के बीच जो वार्ता का क्रम टूटा है वह जारी रहना चाहिए तथा एमएसपी गारंटी कानून सहित किसानों पर लगाए गए झूठे मुकदमों को रद्द करने के साथ-साथ प्रमुख समस्याओं का समाधान करते हुए सरकार को संपूर्ण देश आंदोलनरत किसानों से बार्ता कर सम्मानजनक स्थित में किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए उससे पहले कोई भी समझौता नहीं होगा आज की बैठक में अखिल भारतीय किसान यूनियन की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव सुरेन्द्र शास्त्री, हरियाणा के कद्दावर नेता गुरनाम चडूनी के साथ बैठक में शामिल होने के लिए जाते हुए तथा बैठक के उपरांत लखीमपुर खीरी कांड के योद्धा भाई तेजेंदर ब्रिक जी के साथ पत्रकार साथियों से वार्ता करते हुए दिल्ली बैठक में देश के तमाम किसान नेताओं द्वारा मिले प्यार सहयोग के लिए ह्रदय की गहराइयों से बहुत-बहुत आभार।
बैठक में प्रमुख रूप से :- योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, डॉ सुनीलम पूर्व विधायक, डॉ आशीष मित्तल, हरपाल सिंह बिलारी, आत्मजीत सिंह, प्रेम सिंह अहलावत, धर्मेंद्र मलिक, युद्धवीर सिंह, कामरेड अतुल अंजान, सरबजीत सिंह फूल, जगतार सिंह बाजवा, अभिमन्यु कोहार सहित देश के सैकड़ों राष्ट्रीय किसान नेताओं ने उक्त बैठक में भाग लिया