
भाजपा की अदिति सिंह और कांग्रेस के अंगद सिंह
29 साल की अदिति सिंह 2017 में रायबरेली से कांग्रेस की विधायक चुनी गयीं थीं। 26 साल के अंगद सिंह पंजाब के नवांनगर से कांग्रेस विधायक बने थे। 2019 में दोनों की शादी हुई थी। अदिति सिंह रायबरेली के बाहुबली विधायक रहे अखिलेश की पुत्री हैं। अखिलेश सिंह रायबरेली के बेताज बादशाह थे। अदिति की शादी से कुछ महीने पहले ही उनका निधन हो गया था। वे रायबरेली से पांच बार विधायक रहे थे। उनकी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे सोनिया-प्रियंका के विरोध के बावजूद चुनाव जीतते रहे थे। 2017 में मोदी लहर के बावजूद उन्होंने बेटी अदिति को चुनावी जीत दिली दी थी। अब अदिति सिंह के भाजपा में जाने से रायबरेली का राजनीतिक परिदृश्य बदलने वाला है। अदिति ने अमेरिका के ड्यूक यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है। वे युवा हैं और उन्हें डायनेमिक लीडर माना जाता है। अब भाजपा अदिति सिंह को प्रियंका गांधी की काट के रूप में खड़ा कर रही है। दूसरी तरह अंगद सिंह पंजाब के चर्चित नेता दिलबाग सिंह के परिवार से आते हैं। दिलबाग सिंह नंवा शहर से छह बार कांग्रेस के विधायक बने थे। फिर 2002 में दिलबाग सिंह के भतीजा प्रकाश सिंह इस सीट से कांग्रेस के विधायक बने। अंगद सिंह इन्ही प्रकाश सिंह के पुत्र हैं जो अब नंवा शहर से कांग्रेस के विधायक हैं। यानी अंगद खानदानी कांग्रेसी हैं। लेकिन अब पत्नी के भाजपायी होने से अंगद की स्थिति कांग्रेस में असहज हो गयी है।