आरोपी आइएएस पाठक निलंबित
IAS रेप केसआरोपी आइएएस जनक पाठक को सरकार ने निलंबित किया, आज हो सकती है गिरफतारी, उच्चस्तरीय जांच भी होगी,
रायपुर. जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर रहे, बलात्कार के आरोपी आइएएस जनक पाठक को मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने निलंबित कर दिया है. मामले में पूरे प्रकरण की जांच उच्च स्तरीय दल से कराने के निर्देश भी हुए हैं. जिसके लिए एक समिति भी बनाई जाएगी. आज हो सकती है गिरफतारी.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांजगीर-चांपा जिले में पूर्व पदस्थ अधिकारी के विरुद्ध एक महिला द्वारा की गयी शिकायत के मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल को तत्काल संबंधित अधिकारी को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच उच्च स्तरीय दल से कराने के निर्देश दिए है।
जानते चलें कि जांजगीर के कलेक्टर रहे, आइएएस जनक पाठक पर बलात्कार का गंभीर आरोप लगा है. 2007 बैच के आइएएस अफसर जनक पाठक पर जांजगीर कलेक्टर रहते रेप का ये सनसनीखेज आरोप लगा है. शिकायत के बाद कलेक्टर यशवंत कुमार ने एसपी पारूल माथुर को जांच के निर्देश दिये हैं. जिस महिला ने ये गंभीर आरोप लगाया है, वो शादीशुदा है और पूर्व जनपद सदस्य भी रही है. पुलिस को मिली इस शिकायत के समर्थन में महिला ने कई साक्ष्य भी दिये हैं.
पीड़ित महिला का आरोप है कि विगत 15 मई को उसके साथ कलेक्टरेट में कलेक्टर ने अपने चैंबर में ही उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया. आरोप है कि महिला को एनजीओ का काम दिलाने के एवज में कलेक्टर ने उसे झांसा दिया और उसका बलात्कार किया. आरोप है कि महिला के साथ एक बार नही, कई दफा कलेक्टर ने शारीरिक संबंध बनाया और बार-बार ये झांसा देता रहा कि जल्द ही उसके एनजीओ को काम दिला देगा लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी कलेक्टर ने महिला का काम नहीं किया।
रिकार्डिंग और कुछ तस्वीरें सबूत बनी
महिला ने कलेक्टर के साथ अपनी बातचीत की रिकार्डिंग और कुछ तस्वीरें भी पुलिस को दी हैं. महिला ने जो बातचीत और मैसेज के सबूत दिये हैं, उसमें कलेक्टर की उससे नियमित बात होती थी. हैरानी की बात ये है कि महिला से ना सिर्फ कलेक्टर आपत्तिजनक बातें किया करते थे, बल्कि पर्सनल तस्वीरों की भी डिमांड किया करते थे. कई दफा कलेक्टर ने महिला की प्राइवेट पार्ट की भी तस्वीरें मोबाइल पर मंगायी थी.
एनजीओ में काम दिलाने के बहाने किया बलात्कार
2007 बैच के आइएएस जनक पाठक का हाल ही में जांजगीर कलेक्टर से स्थानांतरण हुआ है और उन्हें मंत्रालय में वापस बुलाते हुए भू-अभिलेख में पदस्थ किया गया है. महिला का आरोप है कि ना सिर्फ महिला से पर्सनल तस्वीरें मांगी जाती थी, बल्कि खुद भी कलेक्टर अपना पर्सनल फोटो भेजा करते थे. महिला का आरोप है कि जब कलेक्टर की तरफ से झांसा दिये जाने का अहसास उसे हुआ तो उसने कलेक्टर से दूरियां बनानी शुरू कर दी।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
कलेक्टर को जैसे ही महिला का बदला व्यवहार नजर आया, उन्होंने उसे उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, यही नहीं महिला का आरोप है कि उसके पति को नौकरी से बर्खास्त तक करने की धमकी दी गयी. कलेक्टर की दबंगई देखकर महिला सहम गयी. आरोप है कि इसलिए कलेक्टर रहते तक वो चुप रही और अब तबादला होने के बाद उसने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करायी है. महिला ने जांजगीर महिला थाने में कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है.
शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जा रही है : तारण प्रकाश सिन्हा, जनसंपर्क आयुक्त
आइएएस जनक पाठक पर रेप की शिकायत के बाद सरकार ने भी संज्ञान लिया है. जनसंपर्क आयुक्त तारण सिन्हा ने कहा क आइएएस के खिलाफ रेप की शिकायत आयी है, शिकायत मिलने के बाद अब अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.
इसके पहले भी कई आइएएस पर लग चुका है आरोप
छत्तीसगढ़ के किसी कलेक्टर पर रेप का यह दूसरा मामला है. 2002 में जशपुर के तत्कालीन कलेक्टर एम आर सारथी पर आदिवासी हास्टल की अधीक्षिका ने रेप का आरोप लगाया था. इसकी जांच डीआईजी डब्ल्यू एम अंसारी ने की थी और उन्होंने रेप की घटना को सही बताया था लेकिन तबकी सरकार ने सारथी को बचा लिया था. लेकिन सारथी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला. उन्हें सात साल की जेल हुई और जेल में ही बीमारी के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
इसी तरह अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान 1998 में आइएएस विनोद कटेला पर नौकरानी ने बलात्कार का आरोप लगाया था. शादी का झांसा देकर दैहिक संबंध कायम किया गया था. उसके बाद कटेला का ट्रांसफर हो गया था.