कोरोना से आत्म-रक्षा हेतु अपनी ढाल स्वयं बने जनमानस- राजू आर्य
● सामाजिक दूरी की अनदेखी हो सकती है तबाही का कारण।
● योग एवं यज्ञ को अपनी दैनिक दिनचर्या में करें अनिवार्य।
● योग एवं यज्ञ में निहित है विश्व को निरोग रखने की शक्ति।
एटा।भारतीय पत्रकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने देश में बढ़ते संक्रमण के प्रति अपनी चिंता जाहिर की है। आर्य ने कहा कि कोरोना का टीका विकसित हो तब तक संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी ही एक कारगर उपाय है जो प्रत्येक आम एवं खास, सभी जनों को बरतनी होगी। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए हमें स्वच्छता का ध्यान रखना होगा। सामाजिक दूरी पर विशेष जोर देते हुए आर्य ने कहा कि हम सभी को ध्यान में रखना होगा कि कम से कम 2 मीटर की सामाजिक दूरी बनाकर रखें जिससे कि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। साथ ही योग एवं यज्ञ को हमें अपनी दैनिक दिनचर्या में सम्मिलित करना होगा जिसके माध्यम से हम अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं एवं यज्ञ के माध्यम से घर को सैनिटाइज किया जा सकता है, जिसके पीछे वैज्ञानिक प्रमाण भी हैं। आज पूरे विश्व ने योग एवं यज्ञ की महत्ता को समझा है और स्वीकार कर उसे अपनाया भी है। वैश्विक रूप से योग एवं यज्ञ का अंगीकरण विश्व कल्याण का सबब बन कर उभर सकता है, एवं विश्व पुनः निरोग पथ पर अग्रसर हो सकता है।
आर्य ने कहा कि योग एवं यज्ञ के जरिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। आर्य ने कहा कि कोरोना से भयभीत होने या घबराने की जरुरत नहीं है बल्कि हमें सावधानी पूर्वक बचाव करते हुए स्वयं को कोरोना पर विजय दिलानी है। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को समझ लेना चाहिए कि घर से बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग व्यक्तिगत रूप से अनिवार्य है ऐसा सुनिश्चित करें। जिससे स्वयं के साथ दूसरे भी संक्रमण से बचे रह सकें।
आर्य ने कहा कि दृढ़ संकल्प-शक्ति और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए कोरोना से बचा जा सकता है। उन्हीने कहा कि “सावधानी में ही सुरक्षा है” इस मूल मंत्र का अनुसरण कर हम कोरोना को आसानी से हरा सकते हैं किंतु इसके लिए सभी को अपनी रक्षा का जिम्मा स्वयं उठाना होगा। आर्य ने कहा कि सरकार और प्रशासन देश में चप्पे-चप्पे पर प्रत्येक व्यक्ति की मदद एवं रक्षा के लिए एक ही समय में उपस्थित नही रह सकते, इसलिए आवश्यक है कि हम सभी अपनी सुरक्षा में खुद तैनात रहे और अपनी और अपने परिवार को इस घातक कोरोना वायरस से बचाएं। साथ ही आर्य ने आह्वान किया कि जिन लोगों को योग की जानकारी है वे ऐसे लोगों को प्रशिक्षित करें जिन्हें योग का ज्ञान नही है। योग पद्धति को आगे बढ़ाते हुए देश को स्वस्थ्य रखने में मददगार करने का हर संभव प्रयास समस्त जनमानस को करना होगा जिसके फलस्वरूप देश से इस घातक बीमारी को खदेड़ा जा सके।