प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर हुई 520 गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच
एटा,

जिले में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया गया। यह दिवस उन सभी गर्भवती महिलाओं को लक्षित करता है जो गर्भावस्था के दो और तीन ट्राईमेस्टर में है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के तहत सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्र पर हर महीने की 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच की जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को जनपद में जिला महिला अस्पताल समेत 11 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि आमतौर पर जब महिला गर्भवती होती है तो वह विभिन्न प्रकार की बीमारियों जैसे रक्तचाप, शुगर और हार्मोनल रोगों से ग्रस्त हो जाती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य और स्वतंत्र जांच प्रदान करने के साथ स्वस्थ बच्चे को जन्म देने का प्रयास है। योजना का उद्देश्य मातृ मृत्यु दर को कम करना, गर्भवती महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के मुद्दे, रोगों के बारे में जागरूक करना, बच्चे के स्वस्थ जीवन और सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करना आदि है।
सीएमओ डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि जिले में मंगलवार को जिला महिला अस्पताल समेत 11 ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों पर कुल 520 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई । जिसमें से 32 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया।
योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना केवल गर्भवती महिलाओं के लिए लागू है।योजना के तहत हर महीने की 9 तारीख को निशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाती है। पीएमएसएमए डे का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक द्वितीय व तृतीय तिमाही वाली गर्भवती महिलाओं की एमबीबीएस चिकित्सक अथवा महिला रोग विशेषज्ञ की देखरेख में जांच करके उन्हें समुचित इलाज व जानकारी मुहैया कराना है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की ब्लड ग्रुप, रक्तचाप, मधुमेह, वजन, यूरिन, एचआईवी, सिफलिस आदि जांच तथा नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड से साथ अन्य सभी जांच भी नि:शुल्क तौर पर की जाती है। इन जांच का मुख्य उद्देश्य गर्भवती के स्वास्थ्य की निगरानी करना है, जिससे मातृ व शिशु मृत्यु को रोका जा सके।