LEGAL Update


By n k sharma Advocate, High Court, Allahabad.


अब कोई भी साइलेंसर और हॉर्न से होने वाले शोर के ख़िलाफ़ घर बैठे कर सकेगा शिकायत, यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को बताया

⚫बुधवार को लखनऊ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बाइक में बड़े साइलेंसर के कारण ध्वनि प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की।

????आख़िरी तारीख़ को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के उपयोग के खिलाफ उठाए गए कदमों पर असंतोष व्यक्त किया था, इसलिए हाई कोर्ट ने वरिष्ठ सरकारी और पुलिस अधिकारियों के व्यक्तिगत हलफनामे दायर करने का निर्देश दिया था।

???? न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), यूपी सरकार द्वारा दायर व्यक्तिगत हलफनामे का अनुसरण किया, जिसमें कहा गया था कि श्री गौरव मेहरोत्रा द्वारा दिए गए सुझावों / सिफारिशों के अध्ययन और अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने शासनादेश दिनांक 28.09.2021 द्वारा एक समिति गठित की तथा उक्त समिति की बैठक दिनांक 13.10.2021 को बुलायी गयी थी।

????इस बैठक में समिति द्वारा कुछ सिफारिशें की गयी हैं, उक्त बैठक में लिये गये निर्णयों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिये अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात निदेशालय, उ0प्र0 ने भी जिला स्तर पर पदस्थापित समस्त पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी किये और निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट माँगी।

????हलफनामे के अवलोकन से न्यायालय ने पाया कि पुलिस अधिकारियों ने संशोधित साइलेंसर का उपयोग करने वाले वाहनों के संबंध में 29.09.2021 से 24.10.2021 तक पूरे यूपी राज्य में गहन जाँच की, जिसके दौरान कुल 623 वाहनों का चालान किया गया और 63.06 लाख रुपये की वसूली की गयी। ऐसे वाहन मालिकों से कंपाउंडिंग शुल्क/जुर्माने के रूप में वसूल किया गया।

????इसी प्रकार, दिनांक 29.09.2021 से 24.10.2021 की अवधि के दौरान, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने भी उन चालकों/वाहनों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है जो अनाधिकृत तरीके से और उपरोक्त अवधि के दौरान प्रेशर हॉर्न और हूटर का उपयोग करके अपने वाहन चला रहे थे, जिसमें कुल 2198 वाहनों का चालान किया गया और ऐसे वाहन मालिकों से चक्रवृद्धि शुल्क/जुर्माने के रूप में 249.56 लाख रुपये वसूल किए गए।

????एमिकस क्यूरी श्री गौरव मेहरोत्रा द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार परिवहन विभाग के पूर्व के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 को भी संशोधित साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण की शिकायत प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है और उक्त के पोर्टल www.uptransporthelpline.org मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के मामले में भी हेल्पलाइन लागू होगी।

????श्री गौरव मेहरोत्रा, न्याय मित्र, ने प्रस्तुत किया कि उपरोक्त हलफनामों के अवलोकन से यह पता चलता है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार द्वारा कदम उठाए गए हैं, लेकिन अभी भी इस मुद्दे पर कुछ कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, इसलिए उपरोक्त हलफनामों को पढ़ने और इस मुद्दे का और अध्ययन करने के लिए उन्हें कुछ समय के लिए अनुमति दी जाए।।

▶️ऐसे में कोर्ट ने मामले को 06.12.2021 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता को इस मामले में राज्य द्वारा की गई आगे की कार्रवाई के संबंध में आवश्यक निर्देश लेने का आदेश दिया गया है।

⏩श्री गौरव मेहरोत्रा, न्याय मित्र को सूचीबद्ध करने की अगली तिथि तक इस मुद्दे पर और सुझाव, यदि कोई हो, उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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