
युवती की हत्या में सुराग तलाशने को हुआ क्राइम सीन री-क्रिएट – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – अकराबाद क्षेत्र में अनुसूचित युवती की हत्या का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। पिछले माह हुई युवती की हत्या के मामले में पुलिस को कोई ऐसा ठोस सुराग नहीं मिल रहा, जिससे आरोपी के गिरेबां तक पहुंचा जा सके। इसके लिए पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। इसी कड़ी में पुलिस के बुलावे पर आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम घटनास्थल पर पहुंची और क्राइम सीन री-क्रिएट कर तथ्यों को समेटने का प्रयास किया। आगरा से आई पांच सदस्यीय इस टीम ने करीब तीन घंटे तक घटनास्थल, युवती के घर व आसपास के इलाके में तथ्य जुटाए।इस दौरान घटनास्थल पर पुतला डालकर देखा, परिवार से बात की। घर में भी स्थितियों को देखा। मगर परिवार ने ज्यादा बात करने के बजाय जवाब दिया कि गांव में भी तो लोगों से पूछ लो। ग्रामीणों से भी टीम ने बात की। हालांकि परिवार ने इस टीम के सवालों पर भी कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया। अब यह टीम करीब एक पखवाड़े में अपनी रिपोर्ट देगी। मामले में विवेचक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट व घटना के फोटो राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भी भेजे थे। वहां से एक्सपर्ट राय मांगी गई थी। वहां से राय मिल गई है, जिसमें इस घटना में मुंह दबाकर हत्या करने, विरोध में युवती द्वारा बचाव किए जाने और इसी बचाव में चोट आने का उल्लेख किया है। मतलब अलीगढ़ में पुलिस व पोस्टमार्टम टीम ने जो पाया था। उस पर लखनऊ के एक्सपर्ट ने अपनी मुहर लगाई है। परिवार से नारको पर मांगी लिखित असहमति
इस मामले में पुलिस ने परिवार के पांच संदिग्ध गवाहों का नारको कराना तय किया था। जिस पर न्यायालय ने अनुमति भी दे दी। मगर परिवार के पांचों सदस्य इसके विरोध में थे। परिवार के पांचों सदस्यों ने मौखिक रूप से सीओ से अपना नारको न कराने की बात कह दी है। कहा है कि पुलिस बिना नारको के ही इस घटना का खुलासा करे। सीओ ने उन्हें एक-दो दिन का समय दिया है कि अगर वे नारको कराना चाहते हैं तो या नहीं चाहते हैं तो लिखित में सशपथ अपनी सहमति या असहमति दें। इसके बाद अधिकारियों व न्यायालय के निर्देश पर निर्णय लिया जाएगा।