
अलीगढ़ः आलू निकासी तेज होने से गिर सकते हैं दाम
मरम्मत का हवाला देते हुए कोल्ड स्टोर स्वामियों ने किसानों को आलू निकालने का अल्टीमेटम देना शुरू कर दिया है। इससे अच्छे भावों के इंतजार में कोल्ड स्टोरों से आलू निकालने से परहेज कर रहे किसानों में खलबली मच गई है। मंडी में रेट कम चल रहे हैं। ऐसे में किसानों के सामने औने-पौने भाव पर आलू निकालने के सिवाय कोई चारा नहीं है।वर्ष 2020-21 में जिले के 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 8 लाख 27 हजार 894 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ। किसानों को उम्मीद थी कि वे आलू को ऊंचे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाएंगे। इस चक्कर में वे पूरे साल अपना आलू कोल्ड स्टोरों में दबाए रहे। लेकिन आलू के दाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़े। वर्तमान में फाइन क्वालिटी के आलू के दाम 800 से 1000 रुपये कट्टा हैं। गुल्ला व टिर्री या मिक्स आलू 450 से 500 रुपये कट्टा के भाव से बिक रहा है। निकासी तेज होने से दाम और भी गिरने के आसार हैं। 18 अक्तूबर तक 55 फीसदी आलू की निकासी हो चुकी है। शेष 45 फीसदी आलू की निकासी होनी है। इसमें से भी 20 फीसदी आलू बीज के काम आएगा। शेष 25 फीसदी आलू बाजार में आएगा,कोल्ड स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि आलू की निकास में तेजी के कारण इस सप्ताह तो आलू के दाम कम रहेंगे। लेकिन अगले सप्ताह दीपावली नजदीक आने पर आलू के दाम फिर चढ़े नजर आएंगे। एक सप्ताह में कोल्ड स्टोरों का स्टाक खत्म होने एवं पंजाब का नया आलू 15 नवंबर के पास आने की संभावना के मद्देनजर आम लोगों को त्योहार पर महंगा आलू खरीदने पर मजबूर होना पड़ेगा।