
10 दिन में मांगें पूरी न होने पर कमिश्नरी पर धरना देगी:भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद
बूलगढ़ी में मृत युवती के स्वजन को नौकरी व दूसरे जिले में मकान दस दिन के अंदर न मिला तो भीम आर्मी कमिश्नरी के बाहर धरना शुरू करेगी। यह ऐलान भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को अलीगढ़ में कमिश्नर व डीआइजी से मुलाकात के बाद किया। इससे पहले उन्होंने हाथरस में पीड़ित परिवार से सरकार द्वारा किया गया वादा पूरा न होने पर नराजागी जताई। वे अपने दो साथियों के साथ गुरुवार की रात मृतका के घर रुके। सुबह कलक्ट्रेट पर धरना देने की धोषणा की, लेकिन वे जिलाधिकारी से मुलाकात करने के बाद अलीगढ़ चले गए। चंद्रशेखर बूलगढ़ी पहुंच गए थे। उन्होंने घर के बाहर गंदगी और सड़क टूटी होने पर नराजगी जताई और कूड़ा कलक्ट्रेट पर डालने की धमकी दी। इस पर प्रशासन ने घर तक जाने वाली गली का रात में ही निर्माण कराया। गली में इंटरलाकिंग कराई गई है। साथ ही सफाई कराई गई। इस दौरान आरोपित लवकुश की मां मुन्नी देवी ने कूड़े वाले स्थान को सार्वजनिक बताया। वह एसडीएम राजकुमार सिंह की गाड़ी के आगे भी लेेट गई। इस दौरान उसके सिर में चोट भी आ गई। उसका कहना था कि यहां कूड़ा नहीं डालेंगे तो वह कूड़ा डालने के लिए दूसरा स्थान बताया जाए। प्रशासन ने किसी व्यवस्था में कोई बदलाव न करने का आश्वासन दिया। इसके बाद मुन्नी देवी ने आरोपितों को निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग की। समझाने पर रात सभी घर चले गए, लेकिन पुलिस ने गांव के बाहर घेरा डाला हुआ था। सुबह चंद्रशेखर अपने साथियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। अंदर पांच लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। यहां डीएम रमेश रंजन और एसपी विनीत जायसवाल को मुलाकात कर मकान व नौकरी की मांग की। फिर अलीगढ़ पहुंचकर कमिश्नर गौरव दयाल डीआइजी दीपक कुमार से मिले। उन्होंने मीडिया से कहा कि अधिकारियों ने सात दिन के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, हमने दस दिन का समय दिया है। मंडल में हुईं दुष्कर्म की वारदातों में भी कार्रवाई के लिए कहा गया है।