
कलक्ट्रेट व तहसील के बाबुओं के पटलों में जिलाधिकारी ने किया फेरबदल
प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति व शासन के तीन साल या उससे अधिक वर्षों से एक ही पटल पर जमे बाबुओं को हटाने के आदेशों पर अमल शुरू हो गया है ।जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कलक्ट्रेट व तहसीलों में बाबुओं के कार्यों में फेरबदल किया है। इसके तहत तीन साल या उससे ज्यादा समय से एक ही पटल पर जमे बाबुओं को इधर से उधर कर दिया गया है।डीएम ने पहली बार बाबुओं को निजी तौर पर बंद लिफाफों में स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। इसमें एलबीसी कामिनी शर्मा को एजेए बनाया गया है। वहीं पीयूष साराभाई को कलक्ट्रेट मुख्यालय से हटाकर इगलास में एडब्ल्यूबीएन बना दिया गया है। एजेए कविता सिंह को टीएसी बनाया गया है। टीएसी अर्पित को पीयूष साराभाई की जगह एमसी प्रथम व नाजिर सदर की जिम्मेदारी मिली है। असलहा बाबू प्रवीण सिंह को कामिनी शर्मा की जगह एलबीसी बनाया गया है। एडीएम सिटी के पेशकार संजय गर्ग को एडीएम प्रशासन का पेशकार बनाया गया है। एडीएम प्रशासन के पेशकार गजेेंद्र पाल को एडीएम सिटी कोर्ट में पेशकार की जिम्मेदारी मिली है। वीआईपी बाबू शुभम को सिटी मजिस्ट्रेट के यहां भेजा गया है। एसडीएम कोल के पेशकार अमित को तहसीलदार कोल का पेशकार बनाया गया है। कोल तहसीलदार के पेशकार ललित को एसडीएम कोल का पेशकार बनाया गया है। एसीएम द्वितीय के पेशकार सुनील कुमार को इगलास भेजा गया है। एसीएम प्रथम की पेशकार सावित्री को एसीएम द्वितीय का पेशकार बनाया गया है।