नगर निगम ने सफाई कर्मचारी मुहैया कराने वाली कंपनी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। कंपनी पर सफाई नायक के फर्जी हस्ताक्षर करके 15 सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति दिखाने और भुगतान उठाने का आरोप है। मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस पुलिस ने नगर निगम को सफाईकर्मी मुहैया कराने वाली कंपनी मैसर्स हिन्दुस्तान सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड की प्रोपराइटर गायत्री देवी, प्रबंधक शिवपाल यादव और आदित्य यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और नगर निगम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह रिपोर्ट गुलाबबाड़ी सफाईगोदाम में तैनात सफाई नायक महेंद्र सिंह पप्पे के तहरीर पर दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार मैसर्स हिन्दुस्तान सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को नगर निगम में सफाई श्रमिकों की आपूर्ति का ठेला मिला है। आरोप है कि कंपनी ने सफाई गोदाम गुलाबबाड़ी पर 15 सफाईकर्मियों की जनवरी व फरवरी 2020 में उपस्थिति दिखाई है। इसमें सफाई नायक के फर्जी हस्ताक्षक करके बिल भुगतान के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में अभिलेख भी प्रस्तुत कर दिया जबकि सफाईकर्मी उपलब्ध ही नहीं कराए गए थे। कंपनी ने धोखाधड़ी करके नगर निगम से भुगतान भी ले लिया। इस संबंध में एसएचओ नवल मारवाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।