लाॅकडाउन में दी गयी रियायतों के चलते हो सकते हैं हालात खराब: राजू आर्य
भारतीय पत्रकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने बताया कि देश में कोरोना की रोकथाम के लिए लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को समाप्त होने वाला है। इससे पहले ही लॉकडाउन 5.0 के नए रूप को लेकर च सरकार ने मंथन भी शुरू कर दिया है। लॉकडाउन 5.0 के लिए रणनीति को लेकर पीएम आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक हुई है। आर्य ने कहा कि आज की प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की बैठक में मुख्यमंत्रियों से मिले सुझाव से पीएम मोदी को अवगत कराया गया है। बैठक के बाद लॉकडाउन में छूट और पाबंदियों को लेकर बड़ा फैसला भी लिया सकता है। गौरतलब है कि लोकडाउन के चौथे चरण के अंतराल यानी सिर्फ 11 दिनों के अंदर देश में करीब 70000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। देश में बढ़ते कोरोना के संक्रमण की रफ्तार सरकार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
आर्य ने बताया कि देश में लॉकडाउन का फिलहाल चौथा चरण चल रहा है, इस चरण में दी गयी रियायतों के चलते ही सबसे अधिक मामले सामने आए हैं और देश में संक्रमितों का संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 68 हजार के पार पहुँक गई है। अब तक करीब 4800 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 71 हजार 386 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हुए हैं। वहीं दुनिया के सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों में तुर्की को पीछे छोड़ भारत 9वें स्थान पर पहुंच गया है। जिस तरह लाकडाउन में भी कोरोना संक्रमित के मरीज बढ़े हैं वह कहीं ना कहीं चिंता का विषय है कि अगर लाॅकडाउन में मरीजों के बढ़ने की संख्या में जो रफ्तार हैं तो लाकडाउन खुलने के बाद क्या हालात होंगे, सरकार और प्रशासन के साथ साथ आमजन के लिए भी यह अतिगंभीर समस्या है। अब देखना यह है कि सरकार किस प्रकार लॉकडाउन की व्यवस्था एवं रणनीतियों पर विचार कर उनमें परिवर्तन लाकर संक्रमण की रफ्तार को धीमा करती है। इसके साथ ही डबल्यूएचओ बार-बार दुनिया को आगाह कर रहा है कि आने वाले समय में कोरोनावायरस के चलते और भी भयाभह हालात होने वाले हैं, भारत सरकार को डबल्यूएचओ की बात को गंभीरता से लेते हुए कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही आर्य ने सभी आम जनमानस से संयम और सावधानियां बरतते हुए प्रशासन के साथ हर संभव रूप से सहयोग करने की अपील की है।