गुरुवार की रात विभिन्न ट्रेनों से आए 571 प्रवासी श्रमिक मुरादाबाद रेलवे स्टेशन उतरे। रेल और पुलिस प्रशासन ने सभी प्रवासियों को कड़ी निगरानी में स्टेशन परसिर में खड़ी बसों में बैठाया गया। यहां से सभी को शेल्टर होम भेजा गया है। मुरादाबाद में सबसे ज्यादा कालका से चली फैजाबाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 439 प्रवासी उतरे। रेल अधिकारियों का कहना है कि मुरादाबाद उतरे सभी श्रमिक मुरादाबाद और आसपास के जिलों के रहने वाले है। कोरोना लॉक डाउन में फंसे श्रमिकों को उनके मूल राज्यों में भेजा जा रहा है। राज्य सरकार की मंजूरी चलते प्रवासी मजदूर और कामगारों को उनके गृह जिले और आसपास के इलाकों में बस या ट्रेनों से रवाना किया जा रहा है। गुरुवार की रात भी विभिन्न ट्रेनों से तमाम यात्री मुरादाबाद में पहुंचे। मजदूरों के ट्रेन से उतरने का सिलसिला रात एक बजे से सुबह पांच बजे तक चलता रहा। ट्रेन से मजदूरों के उतरने को लेकर जीआरपी और आरपीएफ सतर्क रहीं। सभी को कड़ी निगरानी में प्लेटफार्म से बसों में बैठाया गया। जिन ट्रेनों में श्रमिक उतरे उनमें कालका से फैजाबाद ट्रेन से 439,देहरादून से रायबरेली19, श्री माता वैष्णो देवी से गोरखपुर से 81,लुधियाना से नालंदा से 21 और श्री माता वैष्णो देवी से मऊ स्पेशल ट्रेन से 11 यात्री है। प्रशासन की सूचना पर अलर्ट रेलवे व रोडवेज भी सतर्क हो गया। स्टेशन अधीक्षक अवध अस्थाना ने बताया कि मुरादाबाद में उतरे सभी मजदूरों को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में स्टेशन के बाहर खड़ी बसों से शेल्टर होम ले जाया गया।