*महिला ग्राम प्रधान सरकारी धन की कर रहीं लूट
गांव को सेनेटाइज कराने को मिली 20 हजार की धनराशि प्रधान ने की हड़प: ग्रामीण
*कच्ची टूटी-फूटी सड़कों पर चलने को मजबूर ग्रामीण*
एटा। प्रदेश की योगी सरकार जहां भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देकर सत्ता में आई तो वहीं योगी सरकार में ग्राम प्रधानों द्वारा जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है, सरकार से गांव के विकास के लिए दी जा रही धनराशि को प्रधान और ग्राम सचिवों द्वारा बंदरबांट का खेल अपने चरम पर है, इसके साथ ही गरीबों को रोजगार देने वाली सबसे महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा में तो जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा फर्जी जाॅब कार्डधारकों के खाते में रूपए डालकर ग्राम सचिव और ग्राम प्रधानों द्वारा बंदरबांट पर जिम्मेदार अधिकारी मौन है तो वहीं कहीं ना कहीं जिम्मेदार अधिकारी भी अपनी कमीशनखोरी के चलते इस भ्रष्टाचार में अपनी भागीदारी देने में कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड शीतलपुर के ग्राम पंचायत लभेटा ग्राम प्रधान पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि कोरोना काल में गांव को सेनेटाइज कराने के लिए 20 हजार की धनराशि को ग्राम प्रधान सीता देवी हड़प कर गई और गांव में सेनेटाइज नहीं कराया इसके साथ ही ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का कोई विकास नहीं हुआ है बल्कि ग्राम प्रधान का जरूर विकास हुआ है जो प्रधान बनने के बाद तीन मंजिला मकान बना लिया है। गांव में जब हमने जाकर देखा तो बाकई गांव के हालात बहुत खराब हैं और लभेटा गांव में मोदीजी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान के दावे हवा-हवाई निकले ना ही गांव में साफ-सफाई दिखी और ना ही अच्छी सड़कें।
ग्राम प्रधान लभेटा के भ्रष्टाचार की गवाही टूटी-फूटी पानी से भरी सड़कें दे रही हैं, लेकिन कार्यवाही करें तो कौन क्योंकि ग्राम सचिव से लेकर पंचायती राज विभाग तक कमीशनखोरी का खेल जो चलता है।