राजथान में फिर सक्रिय होगा मानसून, उदयपुर संभाग में 9 और 10 सितंबर को भारी से भारी बारिश के आसार

राजथान में फिर सक्रिय होगा मानसून, उदयपुर संभाग में 9 और 10 सितंबर को भारी से भारी बारिश के आसार

राजस्थान में एक बार फिर से बारिश की आस जगी है. प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होने जा रहा है. मौसम विभाग ने 9 और 10 सितंबर को उदयपुर संभाग में भारी से भारी बारिश की संभावनायें जताई है.*

इस बार मानसून की सक्रियता का सबसे ज्यादा असर उदयपुर, जोधपुर और कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के रूप में देखने को मिलेगा.

जयपुर. मानसून राजस्थान में एक बार फिर सक्रिय होने वाला है. इसके चलते इस बार उदयपुर संभाग के जिलों में 9 और 10 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश (Heavy rain) भी होने की संभावनायें बन रही हैं. मौसम विभाग के मुताबिक उड़ीसा और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र और तीव्र होकर सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बन गया है. मानसून ट्रफ लाइन भी अपनी सामान्य स्थिति से गुजर रही है. इसके प्रभाव से राजस्थान के ज्यादातर भागों में आगामी दिनों में मानसून सक्रिय होगा. इससे राजस्थान में बारिश की अच्छी संभावनायें बन रही हैं.

मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक इसका सबसे ज्यादा असर उदयपुर, जोधपुर व कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के रूप में देखने को मिलेगा. उदयपुर संभाग के जिलों में तो कल और परसो भारी से अति भारी बारिश भी होने की संभावना है. इसके अलावा एक और नया लो प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर के आसपास बनने की संभावना है.

कोटा संभाग में अतिवृष्टि ने कर दिया था खराबाउल्लेखनीय है कि राजस्थान में इस बार मानसून ने अपनी निर्धारित तिथि से पहले ही दस्तक दे थी. लेकिन इसकी शुरुआत काफी धीमी रही. वहीं अगस्त माह में कोटा संभाग में जबर्दस्त बारिश होने से बाढ़ के हालात हो गये थे. कोटा संभाग के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में अतिवृष्टि के कारण जान माल का काफी नुकसान हुआ था. लाखों हेक्टेयर में लगी फसलें बर्बाद हो गई थी.

जोधपुर संभाग के कई जिलों में अकाल के हालातदूसरी तरफ जोधपुर संभाग बारिश को ही तरसता रहा. जोधपुर क्षेत्र में बारिश के अभाव फसलें सूख गईं. इसके कारण किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक अब यहां बारिश हो भी गई तो फसलों को कोई फायदा नहीं होने वाला है. यह अलग बात है कि बांधों और तालाबों में पानी आ जायेगा. लेकिन इस इलाके में बारिश की कमी के कारण अकाल के हालात होने लग गये हैं.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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