
प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया ने आंगनवाड़ी केन्द्र, कृषि फार्म का लिया जायजा
ग्राम प्रधानों के सहयोग से गांव में अतिकुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर फोकस करें
एटा। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी ने तहसील जलेसर क्षेत्र में भ्रमण कर जायजा लिया। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, एसएसपी उदय शंकर सिंह, सीडीओ डा0 अवधेश कुमार वाजपेयी आदि ने पुष्प भेंट कर महामहिम राज्यपाल महोदया का जनपद आगमन पर स्वागत किया। महामहिम राज्यपाल महोदया द्वारा सर्वप्रथम जलेसर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम करहला कासिमपुर में प्रगतिशील किसान कायम सिंह के फार्म एवं आंगनवाड़ी केन्द्र पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान प्रगतिशील किसान कायम सिंह द्वारा कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे कार्याें के बारे में जानकारी की। कायम सिंह द्वारा अपने फार्म पर पौधारोपण, विभिन्न प्रकार की खेती सहित विभिन्न बिंदुओं पर महोदया को जानकारी दी।
महामहिला राज्यपाल महोदया ने करहला कासिमपुर में आंगनवाड़ी केन्द्र का जायजा लिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आरूति यादव ने महामहिम राज्यपाल महोदया को जानकारी दी कि जनपद में 1864 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिसमें 190 आंगनवाड़ी केन्द्र अ विभागीय भवन, 1275 प्राथमिक विद्यालय, 27 जूनियर स्कूल, 101 अन्य शासकीय भवन, 271 अन्य भवनों में संचालित हैं। जनपद में प्रथम बजन दिवस के उपरान्त कुल बच्चों की संख्या 220587 के सापेक्ष कुल बजन लिए गए बच्चों की संख्या 182919, अल्पवजन के बच्चों की संख्या 8568, गंभीर अल्प बजन के बच्चों की संख्या 1462, सैम बच्चों की संख्या 353 एवं मैम बच्चों की संख्या 1249 है। द्वितीय बजन सप्ताह 20 सितम्बर से 25 सितम्बर 2021 तक आयोजित किया जाएगा।
महामहिम राज्यपाल महोदया ने कहा कि करहला कासिमपुर में अतिकुपोषित बच्चों, कुपोषित बच्चों सहित गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अधिकारीगण ग्राम प्रधान के सहयोग से गांव में बच्चों, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु बेहतर प्रयास करें। स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से गांव में गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसब कराने हेतु जागरूक किया जाए। ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित करें कि गांव में जच्चा, बच्चा सुरक्षित रहे तथा कोई भी बच्चा अतिकुपोषित की श्रेणी में न आए। इसके साथ ही गांव में टीबी से ग्रसित बच्चों, बुजुर्गाें के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाए, उन्हें शासन द्वारा 500 रूपये प्रतिमाह के हिसाब से धनरााशि दी जाती है, जिसका वह पोषण हेतु उपयोग कर सकते हैं। गांव में अतिकुपोषित बच्चों को गोद लेने की कार्यवाही की जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, एसएसपी उदय शंकर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन विवेक कुमार मिश्र, एएसपी ओपी सिंह, डीपीओ आरूति यादव, डीएओ एमपी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण, कर्मचारी मौजूद रहे।
महामहिम राज्यपाल महोदया ने जलेसर में ओडीओपी घुंघरू घण्टी इकाई का लिया जायजा
महामहिम राज्यपाल महोदया ने राम मंदिर हेतु निर्मित किए जाने वाले विशाल घण्टे को देखा
एटा। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी ने जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जलेसर में ओडीओपी के तहत घुंघरू घण्टी इकाई सावित्री ट्रेडर्स पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान ओडीओपी उत्पाद घंुघरू घंटा को इकाई परिसर में हस्तशिल्पियों, कारीगरों द्वारा ढलाई करते हुये एवं ढलाई के उपरान्न घण्टों की फिनिंग करते हुए देखने के उपरान्त इकाई स्वामी विकास मित्तल से वार्ता की।
महामहिम राज्यपाल महोदया को जानकारी दी गई कि एक जनपद-एक उत्पाद योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वांकाक्षी योजना है जिसके अन्तर्गत जनपद का चयनित उत्पाद-पीतल के घुंघरू, घंटा एवं अन्य पीतल उत्पाद है। यह तहसील जलेसर में बहुतायत मात्रा में निर्मित होता है। ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद के निर्माण की विधा में विशिष्ट प्रशिक्षण, उत्पाद में गुणात्मक सुधार कराकर, उत्पादक में उद्यमिता का संचार एवं उत्पाद की बाजार मांग में वृद्वि तथा उसके मूल्य वृद्वि का लाभ प्रदान कराये जाने का मुख्य उद्देश्य है। कस्बा जलेसर के व्यक्तियों का कहना है, कि जलेसर की मिट्टी में कुछ बात ऐसी है, कि यहां की मिट्टी से ढाले गये घंटों की खनक, मन को मोह लेती है, ऐसी मिट्टी जनपद में अन्य किसी स्थान पर नहीं पायी जाती है। जनपद का घुंघरू घंटा का कारोबार लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना है। इस उत्पाद में डिजाइन, ग्राइडिंग एवं पालिसिंग करने में कारीगरों को महारथ हासिल है। यहां के बने घंटे, उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, उत्तराखण्ड के केदारनाथ मंदिर में लगे हुये है। राम मंदिर के लिये तैयार किया जा चुका है, इस घंटे की आवाज 15 किलोमीटर तक सुनी जा सकती है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, एसएसपी उदय शंकर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन विवेक कुमार मिश्र, एएसपी ओपी सिंह, पीडीडीआरडीए निर्मल कुमार द्विवेदी, जीएमडीआईसी बांकेलाल सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण, चेयरमैन विकास मित्तल सहित अन्य जनप्रतिनिधगण, कर्मचारी मौजूद रहे।
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महामहिम राज्यपाल महोदया ने क्षय रोग से पीड़ित बच्चों से की मुलाकात
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने महामहिम राज्यपाल महोदया को सुंदरकाण्ड की पुस्तक भेंट की
महोदया ने क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को फलों की टोकरी देकर बेहतर स्वास्थ्य हेतु दिया आशीर्वाद
एटा। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी ने तहसील जलेसर सभागार में टीबी से ग्रसित बच्चों, उनके परिवारीजनों से वार्ता कर उनके बेहतर स्वास्थ्य हेतु आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने इस दौरान टीबी से ग्रसित विनीत कुमार, काजल कुमारी, मोनू, मोहिनी, काव्या शर्मा, नायरा, आदित्य उपाध्याय, शमीर, पिन्टू सहित कुल 10 बच्चों को फलों की टोकरी वितरित की। इसके अलावा टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने एवं अन्य सहयोग प्रदान करने पर विभिन्न एनजीओ, उद्यमियों आदि को सम्मानित भी किया। उन्हांेंने कहा कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को हमें सफल बनाना है। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्यमियों, बच्चों, अभिभावकों के साथ संवाद किया।
सीडीओ डा0 अवधेश कुमार वाजपेयी एवं सीएमओ डा0 उमेश कुमार त्रिपाठी ने महोदया को जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में क्षय रोग से पीड़ित 18 वर्ष से कम आयु के 152 बच्चे जनपद में उपचार पर हैं तथा 19 वर्ष से 25 वर्ष तक के आयु के 415 क्षय रोग वर्तमान में जनपद एटा में उपचार पर है। वर्तमान में क्षय रोग से पीड़ित 18 वर्ष तक के आयु के 152 बच्चों को गोद लिए जाने की कार्यवाही की गई है। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2021 में 1452 बच्चे चिन्हित किए गए जिसमें से 152 बच्चों को गोद लिया गया है। जिसके अन्तर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 20 बच्चे, सरकारी अधिकारियों द्वारा 132 बच्चे गोद लिए गए हैं।
महामहिम राज्यपाल महोदया ने अधिकारियों, चिकित्सकों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा क्षय बच्चों को गोद लेते हुए उन्हें स्वस्थ करने के कार्य की सराहना करते हुए बधाई देते हुए कहा कि क्षय रोग से ग्रसित मरीज को क्षयरोग से मुक्त कराये जाने के लिए गुड़, चना, मूंगफली, पौष्टिक भोजन, फलाहार आदि उपलब्ध कराया जाए जिससे शीघ्र ही टीबी से मुक्त हो सके। मा0 प्रधानमंत्री जी के संकल्प को साकार करने के लिए हमें अपनी पूर्ण निष्ठा से टीबी से ग्रसितों को स्वस्थ करना है।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम के अंत में महामहिम राज्यपाल महोदया को सुंदरकाण्ड की पुस्तक भेंट की तथा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन किया जायेगा। जनपद में क्षय रोग से पीडित बच्चो को अभी तक किसी ने गोद नही लिया हैं उनको ससमय प्रयास करते हुये गोद दिलाने का कार्य किया जायेगा। जनपद में शेष क्षय रोगियों को अधिकारियों, चिकित्सकों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को गोद देकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ करते हुए जनपद को टीबी मुक्त किया जाएगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, एसएसपी उदय शंकर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन विवेक कुमार मिश्र, एएसपी ओपी सिंह, सीएमओ डा0 उमेश कुमार त्रिपाठी, एसडीएम मानवेन्द्र सिंह, क्षेत्राधिकारी इरफान नासिर खान सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण, कर्मचारीगण, टीबी से ग्रसित बच्चे एव उनके अभिभावक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, उद्यमी आदि मौजूद रहे।