लखनऊ के कुछ इलाकों में खुले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स; सैनिटाइज करने के बाद दी जा रही लोगों को एंट्री

राहत : लखनऊ के कुछ इलाकों में खुले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स; सैनिटाइज करने के बाद दी जा रही लोगों को एंट्री

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार से राजधानी के कुछ इलाकों में शर्तों के साथ शॉपिंग कांप्लेक्स खोलने की मंजूरी के बाद खुल गए हैं। मंगलवार सुबह लखनऊ के कुछ इलाकों में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खुले जिसमें सैनिटाइज करने के बाद एंट्री दी जाने लगी। लॉक डाउन के चौथे चरण में राजधानी में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसी तरह महानगर, गोमतीनगर,आशियाना, अलीगंज, विकास नगर समेत कुछ क्षेत्रों में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खोले गए हैं।

इन इलाकों में नहीं खुलेंगे कांप्लेक्स: अमीनाबाद और उसके आसपास, लाटूश रोड एवं नजीराबाद स्थित दुकानें, बीएन रोड कैसरबाग से बापू भवन चौराहे तक सारी दुकानें, बर्लिंगटन चौराहै से कैसरबाग की दुकानें, कैसरबाग चौराहे से बस स्टैंड तक, कैसरबाग बस अड्डा चौराहे से मौलवीगंज चौराहे तक, मौलवीगंज चौराहे से रकाबगंज चौराहे के मध्य तक की सभी दुकानें, हीवेट रोड, लालबाग और आसपास के बाजार, निशातगंज गली नंबर पांच कंटेंमेंट जोन और बफर जोन में निशातगंज सब्जी मंडी व उसके आसपास के बाजार।

वहीं अमीनाबाद और चौक बाजार नहीं खुलेंगे। दोनों बाजार वाले इलाकों में संक्रमण व अन्य बिंदुओं पर जांच के लिए डीएम ने नगर आयुक्त की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही बाजारों को खोलने का फैसला किया जाएगा। वहीं, चौक के सराफा कारोबारियों के बाजार खोलने का फैसला नहीं हो सका हैं।

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एसी चलाने की अनुमति नहीं: शॉपिंग कांप्लेक्स खुलने के लिए तय नियमों के अनुसार उनमें सेंट्रलाइज्ड एसी चलाने की अनुमति नहीं होगी। कांप्लेक्स सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक ही खुलेंगे। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के मुताबिक, शॉपिंग कांप्लेक्स खोलने की मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, मॉल्स बंद रहेंगे। यहां पर 65 साल के बुजुर्ग व बच्चों को अनुमति नहीं होगी। जो इलाके रेड जोन या कंटेनमेंट जोन में हैं, वहां शॉपिंग कांप्लेक्स भी बंद रहेंगे। इसके अलावा बीमार लोग व गर्भवती महिलाओं के भी प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। एक समय में पांच से अधिक लोग प्रवेश नहीं करेंगे।

ये चीजे रहेंगी बंद : ब्यूटी पार्लर, साप्ताहिक बाजार,सिनेमा हाल, शॉपिंग मॉल, क्वारंटीन सेंटर बने होटलों के अलावा सभी होटल भी बंद रहेंगे। इसके अलावा नर्सिंग होम व निजी अस्पताल सीएमओ की अनुमति से खुलेंगे। वहीं सैलून में होगी केवल हेयर कटिंग होंगी शहर में शनिवार से ही सैलून खुल गए हैं। प्रशासन की तरफ से केवल हेयर कटिंग की ही अनुमति दी गई है। लेकिन कुछ दुकानों पर लोगों की दाढ़ी भी बनाई गई।

साप्ताहिक बंदी में होगा सैनिटाइजेशन: फैसलेे के मुताबिक, हर मार्केट में एक दिन साप्ताहिक बंदी होगी। इस दिन नगर निगम की मदद से व्यापार मंडल मार्केट की सड़कों के अलावा प्रतिष्ठान के अंदर और बाहर सैनिटाइजेशन करवाएंगे।
News 2,मौत का सफर ? दो दिन के बदले 9 दिन में पहुंच रहीं श्रमिक ट्रेनें, भूख और प्यास से एक दिन में इन ट्रेनों में 7 मौतें

पटना: सड़क दुर्घटनाओं में, पटरियों पर और अब लोग ट्रेनों में दम तोड़ने लगे हैं। प्रवासियों को उनके जिलों तक छोड़ने के लिए रेलवे की श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का कोई माई-बाप नहीं है। ट्रेनें रास्ता भटक जा रही हैं और कहीं की कहीं पहुंच जा रही हैं। नतीजा है कि कोरोना की कौन कहे भूख, प्यास, गर्मी से कई लोगों ने दम तोड़ दिया। इनमें मासूम भी, नौजवान भी और उम्रदराज लोग भी हैं। कई घर तो ईद के मौके पर मातम में डूब गए।

महाराष्ट्र से आ रहे मजदूर को आरा में लोगों ने जब उठाना चाहा तो पाया कि उसकी मौत हो चुकी है। उसकी पहचान नबी हसन के पुत्र निसार खान उम्र लगभग 44 वर्ष के रूप में की गई। वह गया का रहने वाला था। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला कुछ ऐसा है कि गुजरात के सूरत से 16 मई को सीवान के लिए निकलीं दो ट्रेनें क्रमश: उड़ीसा के राउरकेला और बेंगलुरु पहुंच गईं।

वाराणसी रेल मंडल की खोजबीन के बाद ट्रेन का पता चला कि जिस ट्रेन को 18 मई को सिवान पहुंचना था, वह 9 दिन बाद सोमवार 25 मई को पहुंची। ट्रेन को गोरखपुर के रास्ते सीवान आना था, लेकिन छपरा होकर सोमवार की अहले सुबह 2.22 बजे आई। जयपुर-पटना-भागलपुर 04875 श्रमिक स्पेशल ट्रेन रविवार की रात पटना की बजाए गया जंक्शन पहुंच गई।

पश्चिम चंपारण जिला के चनपटिया थाना के तुलाराम घाट निवासी मो पिंटू शनिवार को दिल्ली से पटना के लिए चले। सोमवार सुबह दानापुर से मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंचे। मुजफ्फरपुर में बेतिया की ट्रेन में चढ़ने के दौरान इरशाद की मौत हो गई। पिंटू ने बताया कि उमस भरी गर्मी और पेट में अन्न का दाना नहीं होने के कारण उन लोगों ने अपने लाड़ले को खो दिया।

महाराष्ट्र के बांद्रा टर्मिनल से 21 मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर लौट रहे कटिहार के 55 वर्षीय मो अनवर की सोमवार की शाम बरौनी जंक्शन पर मौत हो गई। अनवर बरौनी ने 10 रुपये का सत्तू खरीद कर खाया और कर्मनाशा से कटिहार जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन पर सवार होने से पहले वह पानी लेने उतरा था, इसी बीच उसकी मौत हो गई।

सूरत से श्रमिक स्पेशल से दोपहर 1 बजे सासाराम पहुंची महिला ने पति से कहा भूख लगी है। स्टेशन पर ही पति के सामने नाश्ता किया और उसके बाद कांपने लगी। पति की गोद में ही उसने दम तोड़ दिया। वह ओबरा प्रखंड के गौरी गांव की रहने वाली थी। महिला की मौत होते ही सासाराम स्टेशन पर कई लोग इधर-उधर भागने लगे। पति ने कहा मैं नि:सहाय क्या करता?

महाराष्ट्र से आ रहे एक श्रमिक की ट्रेन में हालत खराब होने के बाद उसकी मौत हो गई। वह मोतिहारी जिले के कुंडवा-चैनपुर का निवासी बताया जा रहा है। दरअसल, उसकी तबियत खराब होने के बाद उसे ट्रेन से उतारकर जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

राजकोट-भागलपुर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से गया में सोमवार को 8 माह के बच्चे के शव को उतारा गया। परिवार मुम्बई से सीतामढ़ी जा रहा था। आगरा में बच्चे का इलाज हुआ बच्चे की कानपुर के पास मौत हो गई। दंपती देवेश पंडित सीतामढ़ी के खजूरी सैदपुर थाना क्षेत्र के सोनपुर गांव का रहने वाले हैं।

अहमदाबाद से जंक्शन मुजफ्फरपुर पहुंची स्पेशल ट्रेन में कटिहार की रहने वाली 23 साल की अलविना खातून मौत हो गई। वह अपने जीजा इस्लाम खान के साथ अहमदाबाद से घर लौट रही थी। जीजा इस्लाम खान का रो-रो कर बुरा हाल था। अलविना विक्षिप्त थी। उसका इलाज चल रहा था।

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