‘संभव’ अभियान के तहत बाल पोषण पर विशेष ध्यान

‘संभव’ अभियान के तहत बाल पोषण पर विशेष ध्यान

एटा,

जिले में मातृ व शिशु पोषण स्तर में सुधार के लिए पहली जुलाई से ‘संभव’ अभियान की शुरुआत की गई थी । अभियान के तहत केंद्र आधारित गतिविधियां व गृह भ्रमण के दौरान अति कुपोषित व कुपोषित (सैम, मैम) और गंभीर अल्प वजन वाले बच्चों के अभिभावकों को पोषण संबंधित जानकारी दी जा रही है । यह अभियान अक्टूबर तक चलाया जाएगा।

प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि संभव अभियान के तहत अगस्त माह में शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 21 अगस्त तक 9 से 11 माह तक के बच्चों व 23 से 28 अगस्त तक 1 से 2 वर्ष वाले बच्चों के अभिभावकों को पोषण युक्त भोजन, आयरन सिरप का सेवन व फायदे, विटामिन ए की जानकारी व बच्चों को उससे होने वाले लाभ आदि की जानकारी देंगी। इस दौरान कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते हुए सैम, मैम व गंभीर अल्प बजन वाले बच्चों के अभिभावकों को एकत्रित करते हुए उन्हें पोषाहार से बनी पौष्टिक रेसिपी के प्रदर्शन(पौष्टिकता बढ़ाने के लिए तेल/घी, मूंगफली का चूरा, सोयाबीन बड़ी का चूरा, स्थानीय मौसम में सब्जियों का इस्तेमाल आदि), परामर्श तथा पोषण रंगोली जैसी गतिविधियों के माध्यम से जानकारी प्रदान की जाएगी।

बच्चों के लिए विटामिन ‘ए’ व आयरन है जरूरी:

बाल चिकित्सक डॉ अंशुल गुप्ता बताते हैं कि बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने से शरीर की एपिथीलियल लेयर मजबूत होती है। यह परत हर बच्चे के रेस्परेटरी ट्रैक यानि स्वसन तंत्र में भी होती है। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे के रेस्परेटरी ट्रैक की एपिथीलियल लेयर मजबूत रहेगी, तो वायरस कोविड-19 भी इस परत को अतिक्रमित करने में असहाय महसूस करेगा। साथ ही इस वायरस के श्वसन तंत्र से भीतर जाने की गुंजाइश भी काफी कम हो जाती है।

डॉक्टर गुप्ता बताते हैं कि बच्चों के लिए आयरन बहुत आवश्यक होता है क्योंकि शरीर में आयरन की कमी से उन्हें रक्तअल्पता नामक रोग हो सकता है।बच्चों को अपने शरीर के लिए जरूरी आयरन वैसे तो भोजन से प्राप्त हो सकता है। भोजन जैसे कि फिश, चिकन, संतरा, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, टमाटर, आलू, मिर्च आदि पदार्थों में आयरन मौजूद होता है।

बच्चों में रक्त अल्पता के कारण शारीरिक व मानसिक विकास दोनों पर असर पड़ता है। यदि बच्चा सुस्त व बीमार है, इसका एक मुख्य कारण आयरन की कमी भी हो सकता है। इसके लिए बच्चों को आयरन सिरप की खुराक दी जानी चाहिए।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks