गांव में किसी गरीब को नहीं पेंशन का हक

गांव में किसी गरीब को नहीं पेंशन का हक
एटा। जी हां, आप चौकेंगे जरूर, लेकिन सरकारी तंत्र की खामियाें के चलते निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत निधौली देहात के दस गांव में किसी भी गरीब व्यक्ति को वृद्धावस्था, दिव्यांग और निराश्रित विधवा पेंशन नहीं मिल सकती है। एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल में अपलोडिंग के दौरान यह ग्राम पंचायत छोड़ दी गई है। जिससे लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
इस पोर्टल के जरिए ही प्रदेश की इन पेंशन योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।
इसके बाद संबंधित गांव या नगर क्षेत्र के अधिकारी जांच कराकर पेंशन जारी करने का निर्णय लेते हैं, लेकिन निधौली देहात का पोर्टल में नाम न होने के कारण लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। गांव में कई गरीब लोग हैं, जिनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। जीवन-यापन के लिए पेंशन धनराशि उनकी मददगार बन सकती है। ग्राम प्रधान के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60-70, निराश्रित विधवा पेंशन के लिए 15-20 और दिव्यांग पेंशन के लिए चार-पांच लाभार्थी हैं, जो चक्कर काट रहे हैं।

गलती सरकार की, हमारा क्या दोष?
आठ महीने पहले आवेदन जमा किया था। अभी तक पेंशन नहीं बनी है। बताया जा रहा है कि पोर्टल में गड़बड़ी है। यह गलती तो सरकार की है, हमारा क्या दोष है जो हम भुगत रहे हैं। -नेकसी देवी (विधवा पेंशन की इच्छुक)
गरीबों के लिए पेंशन की धनराशि ही बड़ा सहारा होती है। सरकार हर पात्र को लाभ दिलाने की बात कर रही है। इसके बावजूद गांव में जरूरतमंदों को योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा। -राजवीर सिंह (वृद्धावस्था पेंशन के इच्छुक)

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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