आगरा एक्सप्रेसवे पर पूर्व सांसद डिंपल यादव ने अपनी बेटी के साथ की प्रवासी मजदूरों की सेवा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और पूर्व सांसद डिंपल यादव पिछले दिनों प्रवासी कामगारों, श्रमिकों की मदद के लिए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सेवा करती दिखाई दीं. आमतौर पर मीडिया से दूरी बनाकर रखने वालीं डिंपल यादव ने एक्सप्रेस वे पर घंटों कई गाड़ियों से आए प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को भोजन, पानी मोहैया कराए. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
गाड़ी से खुद भोजन पैकेट निकालकर मजदूरों तक पहुंचाती दिखीं डिंपल
वीडियो में पूर्व सांसद खुद गाड़ी से भोजन के पैकेट निकालकर दे रही हैं. इस सेवा में उनके साथ उनकी बेटी भी हाथ बंटा रही है. सपा कार्यकर्ता इस दौरान हाइवे पर रोडवेज की बसों और प्राइवेट वाहनों को रोकते दिखाई दिए. जैसे ही बस रुकती डिंपल कार्यकर्ताओं के माध्यम से भोजन और पानी प्रवासियों तक पहुंचातीं.
मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड की टीम रही साथ
डिंपल का ये वीडियो मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष अनीस राजा ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा है कि 21 मई को लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर पूर्व सांसद डिम्पल यादव जी प्रवासी श्रमिको को भोजन वितरित करते हुए. साथ में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड की टीम.
बड़ी संख्या में घर वापसी जारी
बता दें महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल प्रवासी मजदूरों की घर वापसी जारी है. बड़ी संख्या में ये मजदूर तमाम बसों और अन्य साधनों से घर लौट रहे हैं. उत्तर प्रदेश में तो कई जगह पैदल ही प्रवासी मजदूर घर लौटते दिखाई दिए. इस पर सियासत भी खूब हो रही है. वहीं इन मजदूरों के साथ सड़क दुर्घटनाओं की खबरें भी काफी आईं, जिसके बाद योगी सरकार ने प्रदेश में मजदूरों के पैदल चलने पर रोक लगा दी है और ट्रकों व गैर सवारी वाहनों से उनके चलने पर निगरानी रखी जा रही है.
News no 2राहुल गांधी की पैदल चलते मजदूरों के साथ बातचीत का वीडियो जारी, कहा- सर्वाधिक मार मजदूरों पर पड़ी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों से अपनी मुलाकात का वीडियो आज जारी किया। इस वीडियो कई मजदूरों का दर्द दिखाई दिया। राहुल गांधी ने कहा कि लगातार देश में कोरोना के बढ़ते मामले के मद्देनजर लगे लॉकडाउन की सर्वाधिक मार प्रवासी मजदूरों पर पड़ी है।
वीडियो की शुरुआत में राहुल गांधी कह रहे हैं कोरोना ने बहुत लोगों को चोट पहुंचाई। दुख हुआ। लेकिन सबसे ज्यादा दर्द हमारे मजदूर भाईयों पर पड़ा। सड़कों पर हजारों किलोमीटर चले, भुखे और प्यासे चले, रुके नहीं, धमकाया गया, मारा गया, पीटा गया, डराया गया लेकिन ये मजदूर भाई रुके नहीं और चलते रहे। क्या इनकी डर है? क्या इनकी आशाएं है। इनका भविष्य क्या है। इनको क्या लगता है।
वीडियो में झांसी के रहने वाले महेश कुमार कहते हैं, “हम 120 किलोमीटर पैदल चलकर यहां तक आएं है और रात भर पैदल है। हमें तो मजबूरी है कि हम लोगों को पैदल जाना है।”