साढ़े चार सौ छात्रों ने हड़प ली शुल्क प्रतिपूर्त, मचा हड़कंप

 

सरकार की ओर से मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्त में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। समाज कल्याण विभाग से छात्रों के खाते में धनराशि भेजी गई पर छात्रों ने उसे जमा नहीं किया। करीब 450 छात्रों ने खातों में पहुंची शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि निकाल कर उसे खर्च कर लिया। यह रकम साढ़े सात करोड़ से भी ज्यादा बताई जा रही है। शिकायत मिलने पर मंडलायुक्त ने बैठक बुला कर अफसरों से कहा समस्या का समाधान निकालें। फीस तो हर हाल में चुकानी ही होगी।

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चपत लगी है मुरादाबाद की आईएफटीएम यूनिवर्सिटी को। इसके अलावा करीब 18 ऐसे निजी शिक्षण संस्थान हैं जहां के छात्रों ने फीस कालेज में जमा करने के स्थान पर उसका निजी इस्तेमाल कर लिया। कोविड के दौरान ऑन लाइन शिक्षा के दौर में आधार बेस्ड भुगतान में कुछ समस्या आई। जैसे जिन छात्रों के एक से ज्यादा बैंक खाते थे उनके आधार बेस्ड भुगतान में जिस खाते में शुल्क प्रतिपूर्ति जानी चाहिए वह चली गई दूसरे खाते में। आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल एक ही होने से समाज कल्याण से भेजी गई धनराशि गई तो संबंधित छात्र ने उसे शुल्क प्रतिपूर्ति वाले खाते में ट्रांसफर नहीं किया। इसके स्थान पर किसी छात्र ने लैपटाप खरीद लिया तो किसी ने घर की जरूरत का अन्य सामान खरीद लिया। आईएफटीएम के करीब 350 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने शुल्क प्रतिपूर्ति जमा नहीं की है। अब उन्हें वसूली का नोटिस दिया गया है। इस पूरे मामले की सूचना कमिश्नर आन्जनेय सिंह को दी गई तो उन्होंने संबंधित विभाग और कालेज व यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों की बैठक बुला ली। मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह ने कहा कि यूनिर्सिटी अथवा कालेज को फीस मिलनी चाहिए। जिस स्तर पर भी गड़बड़ी हुई हो चाहे विभाग हो या छात्र भुगतान करेगा।

About The Author

NAZIM HUSAIN

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks