मुरादाबाद, स्वतंत्रता दिवस से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश खुफिया विभाग की ओर से दिए गए हैं। पुलिस खुफिया विभाग से मिले इनपुट को गंभीरता से लेते हुए काम कर रही है। लखनऊ में पकड़े गए दो आतंकियों के बाद उनके मददगार सम्भल जनपद से पकड़े गए हैं। तभी से पुलिस एक-एक घटना पर करीब से निगाह रख रही है। मुरादाबाद मुगलपुरा थाना क्षेत्र से क्राइम ब्रांच की एसओजी टीम ने अवैध कारतूस बनाने वालों को पकड़ा है। इनके पास से लगभग 185 कारतूस के पीतल के खोखे बरामद किए गए हैं। वहीं इन कारतूसों को आर्डर पर तैयार करने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने इस मामले में छह संदिग्ध युवकों को पकड़कर गोपनीय रूप से पूछताछ कर रही है। वहीं इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर इन कारतूसों को किसके पास भेजा जाना था।
अवैध हथियारों और कारतूसों के निर्माण का मुरादाबाद गढ़ बनता जा रहा है। पीतल नगरी में कारीगरों ने अपने हुनर से पूरी दुनिया में नाम किया है। लेकिन, कुछ कारीगर इसी पीतल को कारतूस में बदलने का काम कर रहे हैं। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के बाद क्राइम ब्रांच की एसओजी टीम ने मुगलपुरा के गुंइया बाग इलाके में छापेमारी करके शाबेज नाम के युवक को पकड़ा था। संदिग्ध युवक पीतल कारखाने में काम करता है, वहीं छापेमारी के दौरान युवक के पास से 185 कारतूसों के पीतल के खोखे बरामद किए गए। पुलिस इसी आरोपित की पूछताछ के बाद गलशहीद, नागफनी और कटघर थाना क्षेत्र के साथ ही कांठ से कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। बीते तीन दिनों से एसओजी की टीम इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए युवक ने बताया है कि आर्डर मिलने पर इन कारतूसों को घर पर तैयार करता था। वहीं, एक कारतूस को बनाने के लिए लगभग 65 रुपये लेता था। जो लोग उससे कारतूस बनवाते थे, उनकी तलाश में छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।