भोजपुर/विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस 28 जुलाई को हमें एक नाउम्मीदी की खबर मिली हमारी कोशिशो के एक कदम पर्यावरण संरक्षण की अड़चन आयी है मगर हम अपनी मंजिल तक पहुचने से पहले रुकने वाले नही है।
नगर पंचायत भोजपुर धर्मपुर जनपद मुरादाबाद जिले का सबसे प्रदूषित नगर है। नगर की एयर क़्वालिटी इंडेक्स हवा गुणवत्ता मानकों से कई गुना प्रदूषित रहती है। जिसको लेकर नगर के वुद्धिजीवी नगर को स्वच्छ और हरित बनाने की लिए निरंतर प्रयास करते रहते है, जिसमे सामुहिक बृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण संगोष्ठी, जन जागरूकता अभियान, बृक्षों का जीवन मे महत्व और शासन, प्रशासन से नगर में हरित पट्टियों का विकास में सहयोग। इसी क्रम में पिछले कई वर्षों से नगर के समाजसेवी मुहम्मद आदिल और कई सामाजिक संगठन नगर में हरित पट्टियों के विकास और हरित पार्क बनाने की मांग वन विभाग और नगर पंचायत प्रशासन से कर रहे है परन्तु कोई निदान होता प्रतीत नही हो रहा है। पिछले माह वन विभाग से नगर में वृक्षारोपण की अपील पर विभाग का कहना है कि वन विभाग के पास वृक्षारोपण हेतु वजट उपलब्ध नही है साथ ही नगर प्रशासन हरित पट्टी और पार्को के लिए भूमि उपलब्ध कराने में असमर्थ है। जिससे प्रतीत होता है कि नगर पंचायत और वन विभाग नगर में
वृक्षारोपण करने की जगह अपने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में लगे है। जबकि नगर में बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलाने वाले उधोग पनप गए है जिसपर प्रशासन दुआरा उठाये गए कदम इसपर अंकुश लगाने में नाकाफ़ी साबित हो रहे हैं। जिससे नगर की आवो हवा जहरीली होती जा रही है। और इसकी कीमत यहां के निवासी अपनी और अपने परिजनों की सेहत और जिंदगी से अदा कर रहे हैं। नगर में बुखार, चर्म रोग, किडनी फेलियर, हेपेटाइटिस, केंसर, दमा रोग, टी वी, फेफड़ों के रोग जेसी भयंकर बीमारियों ने अपने पाव पसार रखे है। जिससे यहां के निवासीयो में भय का माहौल बना हुआ है।