भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा ब्रेन-बेस इंटेलिजेंस टेस्ट जो मानव मस्तिष्क के सभी रहस्यों को करेगा उजागर

भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा ब्रेन-बेस इंटेलिजेंस टेस्ट जो मानव मस्तिष्क के सभी रहस्यों को करेगा उजागर
पुणे: वैज्ञानिकों ने बीबीआयटी/ब्रेन-बेस इंटेलिजेंस टेस्ट की खोज की है, जो मानव मस्तिष्क के सभी रहस्यों को उजागर करता है। जगन्नाथ प्रसाद दास द्वारा विकसित, ब्रेन-बेस इंटेलिजेंस टेस्ट हाल ही में ऑनलाइन लॉन्च किया गया था।
ब्रेन बेस्ड इंटेलिजेंस टेस्ट (बीबीआयटी) को कनाडा में अल्बर्टा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जेपी दास और देश के शीर्ष मनोवैज्ञानिकों और नैदानिक मनोचिकित्सकों की एक टीम द्वारा विकसित किया गया है। तीन साल के शोध और कड़ी मेहनत के बाद यह परीक्षण सफल हुआ है। बीबीआयटी नाम का परीक्षण देश में शुरू किया गया है।
बीबीआयटी का लॉन्च ऑनलाईन के माध्यम से हाल ही में महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने किया। स्वास्थ्य विज्ञान विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कालिदास डी. चव्हाण थे। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में कई नामी हस्तियां, शिक्षक, मनोवैज्ञानिक और अन्य प्रसिद्ध हस्तियां मौजूद थी्ं। बुद्धि की अवधारणा और माप पर दास के शोध को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। डॉ जे. पी बीबीआईटी ’आईक्यू’ परीक्षण दास के मार्गदर्शन में एक विशिष्ट टीम द्वारा विकसित किया गया था और इसे एक संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है।यह अनोखा आईक्यू टेस्ट भारतीयों की एक बड़ी आबादी के लिए विकसित किया गया है। इसे शिक्षा में संज्ञानात्मक प्रक्रिया की नींव समझा जाता है – विशेष रूप से पढ़ने और गणित के लिए्। यह परीक्षण स्ट्रोक, मिर्गी और स्ट्रोक का निदान करने में मदद करता है। यह बच्चों को शिक्षित करने में अति सक्रियता और कठिनाइयों का भी निदान करता है।डॉ जगन्नाथ प्रसाद दास भुवनेश्वर से हैं और मनोविज्ञान के एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते है । उन्होंने मनोविज्ञान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें बुद्धि और प्रारंभिक बचपन के मनोविज्ञान के अध्ययन के साथ-साथ बुद्धि के सिद्धांत और दास-नागलेरी संज्ञानात्मक मूल्यांकन प्रणाली शामिल है । डॉ जे.पी. दास वर्तमान में सेंटर फॉर डेवलपमेंट एंड लर्निंग डिसएबिलिटीज में एमेरिटस डायरेक्टर हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा, कनाडा में एजुकेशनल साइकोलॉजी के एमेरिटस प्रोफेसर है । वह कनाडा की रॉयल सोसाइटी के सदस्य भी हैं और उन्हें 2015 में शामिल किया गया था। यह कनाडा का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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